टुंडी विधायक मथुरा ने उठाया बराकर नदी में बांध निर्माण का मामला 2006-07 से लंबित है यह परियोजना

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टुंडी विधायक मथुरा ने उठाया बराकर नदी में बांध निर्माण का मामला

2006-07 से लंबित है यह परियोजना

डीजे न्यूज, धनबाद: 2006-07 से लंबित बहुउद्देशीय बालपहाड़ी बांध परियोजना के तहत बराकर नदी में चयनित स्थल पर बांध निर्माण का मुद्दा विधानसभा में उठाया गया। टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो के द्वारा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से सरकार से सवाल किया है कि 2006-07 में बहुउदेशीय बालपहाड़ी बांध परियोजना के तहत बराकर नदी में तिलैया बांध एवं मैथन बांध परियोजना के बीच धनबाद जिला के टुंडी प्रखण्ड तथा गिरिडीह जिला के गाण्डे प्रखण्ड में लगभग 6000 करोड़ प्रस्तावित लागत से बराकर नदी में बांध निर्माण परियोजना का कार्यान्वयन कराने का प्रस्ताव पारित किया गया था।
जिसमें बराकर नदी का पानी संचय कर बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई, पेयजल एवं औद्योगिक आपूर्ति तथा विद्युत उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था। 2012 में सीडब्ल्यूसी द्वारा डीपीआर का प्रारूप तैयार कर डीवीसी को उपलब्ध करा दिया गया था। वर्तमान में उक्त परियोजना का डीपीआर जल संसाधन विभाग के पास है।
विधायक ने राज्यहित एवं जनहित में बांध का निर्माण कराने की मांग की थी।
इस पर जल संसाधन विभाग ने उत्तर देते हुए कहा है कि वर्ष 1978 के अंतर्राज्यीय एकरारनामा तथा डीवीसी एक्ट, 1948 के प्रावधानों के आलोक में दामोदर-बराकर बेसिन के उपलब्ध जल संसाधनों के समुचित उपयोग हेतु बालपहाड़ी परियोजना की परिकल्पना की गई। 2012 में डैम, बराज एवं नहर प्रणाली के निर्माण हेतु रू० 2127.37 करोड का डीपीआर सीडब्ल्यूसी द्वारा तैयार किया गया। उक्त डीपीआर पर पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा निरंतर आपत्तियाँ दर्ज करते हुए यह अपेक्षा की गई कि तिलैया, मैथन एवं पंचेत बांधों के प्रभाव को सम्मिलित करते हुए विस्तृत बहु-जलाशय सिमुलेशन अध्ययन कराया जाए। विगत 14 वर्षों से इस पर सहमति नहीं बनी। अब 2021 के प्राइस लेवल पर योजना की लागत राशि रूपया 5870 करोड़ हो गया है।

पश्चिम बंगाल, झारखंड एवं डीवीसी के मध्य समन्वय हेतु गठित दागोदर घाटी जलाशय विनियमन समिति (डीवीआरआरसी) की 145वीं बैठक (24.11.2022) में बहु-जलाशय सिमुलेशन रिपोर्ट साझा की गई। तत्पश्चात 12 मई को भारत सरकार के गृह सचिव की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रस्तावित बालपहाड़ी डैम की डीपीआर की समीक्षा सीडब्ल्यूसी द्वारा डीवीसी तथा संबंधित राज्यों के परामर्श से की जाएगी। डीवीआरआरसी की 146वीं बैठक में
बैराज का निर्माण अथवा कम ऊँचाई का डैम निर्माण का विकल्प दिया गया। इन दोनों विकल्पों की व्यवहार्यता का अध्ययन बो, सीडब्ल्यूसी गुवाहाटी को सौंपा गया। डीवीसीआरसी की 151वीं बैठक (20 दिसंबर 2025) में सिमुलेशन अध्ययन प्रतिवेदन बीबीओ सीडब्ल्यूसी, गुवाहाटी द्वारा प्रस्तुत कर दिया गया है।

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