



विधायक रागिनी ने श्रम एवं उद्योग से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा
डीजे न्यूज, धनबाद: झरिया विधायक रागिनी सिंह ने विधानसभा में श्रम एवं उद्योग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाते हुए सरकार का ध्यान राज्य के श्रमिकों, युवाओं और औद्योगिक विकास की ओर आकृष्ट कराया। उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य होने के बावजूद यहां के युवाओं को पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं और बड़े उद्योग अपेक्षित गति से स्थापित नहीं हो रहे हैं, जिसके कारण बेरोजगारी बढ़ रही है तथा युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन करना पड़ रहा है।
सदन में बोलते हुए विधायक रागिनी ने कहा कि राज्य के खनन और औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को आज भी सुरक्षा, उचित मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा (ईएसआई, पीएफ) और बेहतर कार्य परिस्थितियों जैसी बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से धनबाद के झरिया और कोलियरी क्षेत्रों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भूमिगत आग, भूमि धंसान और प्रदूषण की समस्या से लोग लंबे समय से परेशान हैं, जबकि प्रभावित लोगों के पुनर्वास की प्रक्रिया भी काफी धीमी है।
रागिनी सिंह ने बीसीसीएल क्षेत्र की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि अधिकांश खदानों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कोयला उत्पादन कराया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं। कंपनी के नियमों के अनुसार कोल श्रमिकों का बी-फॉर्म में नामांकन अनिवार्य है, लेकिन इसका सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण खदान क्षेत्रों में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिसमें श्रमिकों की जान तक चली जाती है। इसके अलावा क्षेत्र में हजारों असंगठित मजदूरों को नियमानुसार भुगतान नहीं किया जाता और एक ही प्रकार का कार्य करने के बावजूद मजदूरों को अलग-अलग मजदूरी दी जाती है।
विधायक ने यह भी बताया कि कई असंगठित मजदूरों के पीएफ की राशि समय पर उनके खातों में नहीं पहुंचती, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रम कानूनों का उल्लंघन करते हुए मजदूरों से 8 घंटे के बजाय 12-12 घंटे तक काम कराया जा रहा है, जबकि झारखंड सरकार द्वारा निर्धारित वेतनमान और अवकाश की व्यवस्था भी पूरी तरह लागू नहीं की जा रही है।
रागिनी सिंह ने यह भी मुद्दा उठाया कि बीसीसीएल का एक क्षेत्रीय अस्पताल स्थानीय श्रमिकों के इलाज के लिए स्थापित किया गया था, लेकिन वर्तमान में वह लगभग बंद स्थिति में है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल को जल्द से जल्द चालू कराया जाए, ताकि श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
सदन में उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने तथा कौशल विकास और प्रशिक्षण की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
विधायक रागिनी ने कहा कि यदि सरकार इन मुद्दों पर गंभीरता से ठोस कदम उठाती है तो इससे न केवल श्रमिकों का जीवन बेहतर होगा, बल्कि झारखंड के औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।



