



विधानसभा में फिर गरजी झरिया विधायक रागिनी सिंह, बोलीं – जब न्यायालय और विधायक सुरक्षित नहीं तो आम जनता कैसे रहेगी सुरक्षित?

डीजे न्यूज, रांची/धनबाद:
झारखंड विधानसभा में झरिया विधायक रागिनी सिंह ने एक बार फिर धनबाद की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने धनबाद में हालिया आपराधिक घटनाओं का विस्तृत उल्लेख करते हुए कहा कि “जब न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिल रही हो और विधायक का आवास सुरक्षित न हो, तो आम जनता की सुरक्षा की कल्पना कैसे की जा सकती है?”
धनबाद न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी, अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं
विधायक ने सदन को अवगत कराया कि बीते एक दिन पूर्व धनबाद न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। यह न केवल न्यायिक व्यवस्था पर सीधा हमला है, बल्कि कानून के राज को खुली चुनौती भी है। उन्होंने कहा कि न्यायालय जैसे संवेदनशील और संरक्षित माने जाने वाले स्थान को यदि अपराधी निशाना बना रहे हैं, तो यह राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।
उन्होंने आरोप लगाया कि धमकी की घटना के बाद भी पुलिस ठोस कार्रवाई करने में विफल रही है और अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है।
विधायक आवास ‘सिंह मेंशन’ पर बमबाजी, दो सप्ताह बाद भी पुलिस खाली हाथ
रागिनी सिंह ने सदन में यह भी बताया कि सरायढेला थाना क्षेत्र स्थित उनके आवास सिंह मेंशन पर विगत दो सप्ताह पूर्व अज्ञात अपराधियों द्वारा बमबाजी की गई थी। यह घटना न केवल एक जनप्रतिनिधि पर हमला है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को अस्थिर करने का प्रयास भी है।
उन्होंने कहा कि “अपराधी खुलेआम वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं और पुलिस सिर्फ दावे करती रह जाती है। धरातल पर परिणाम शून्य है।”
धनबाद में भय का माहौल, पुलिस के दावे खोखले
सदन में बोलते हुए विधायक ने कहा कि धनबाद में अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ चुका है कि वे किसी भी समय किसी भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि जब एक विधायक का घर और न्यायालय सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक, व्यापारी, महिलाएं और बच्चे कैसे सुरक्षित रहेंगे?
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस केवल प्रेस बयान और बड़े-बड़े दावों तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर अपराध नियंत्रण की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
विधानसभा अध्यक्ष ने लिया संज्ञान
विधायक द्वारा उठाए गए गंभीर मुद्दों पर विधानसभा अध्यक्ष ने मामले को संज्ञान में लेने और सरकार से जवाब तलब करने की बात कही है। हालांकि विपक्षी सदस्यों ने भी इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट कार्रवाई और समयबद्ध जांच की मांग की।
सरकार पर सीधा हमला
रागिनी सिंह ने अंत में कहा कि यदि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण स्थापित करने में विफल रहती है, तो इसका सीधा असर आम जनता के विश्वास पर पड़ेगा। उन्होंने धनबाद में बढ़ते अपराधों की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों की त्वरित गिरफ्तारी और सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की मांग की।
धनबाद में हालिया घटनाओं ने न केवल राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, बल्कि आम नागरिकों के बीच भी असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है। अब देखना यह है कि सरकार इन गंभीर आरोपों और मांगों पर क्या ठोस कदम उठाती है।




