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1857 की क्रांति पर टुंडी कॉलेज में संगोष्ठी, युवाओं को मिला राष्ट्रभक्ति का संदेश

 

मेरठ क्रांति, टैगोर व महाराणा प्रताप को किया याद

डीजे न्यूज टुंडी(धनबाद) : गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज टुंडी में शुक्रवार को रविंद्र नाथ टैगोर जयंती, महेंद्र प्रताप जयंती एवं 10 मई को मनाए जाने वाले मेरठ दिवस (1857 की क्रांति) की पूर्व संध्या पर भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. इंद्रजीत कुमार ने की, जबकि आयोजन सचिव प्रो. अविनाश कुमार और डॉ. रानी सिंह ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया।

संगोष्ठी में प्रो. अविनाश कुमार ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को भारतीय स्वाधीनता आंदोलन की आधारशिला बताते हुए उसके ऐतिहासिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय महत्व तथा 1857 के हुतात्माओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मेरठ से प्रारंभ हुआ यह संग्राम देशवासियों के आत्मसम्मान, स्वाभिमान और स्वतंत्रता की चेतना का प्रथम व्यापक विस्फोट था, जिसने आगे चलकर पूरे देश को अंग्रेजी शासन के विरुद्ध एकजुट किया। वहीं उन्होंने महेंद्र प्रताप के अदम्य साहस, त्याग और मातृभूमि के प्रति समर्पण को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

इस अवसर पर डॉ. रानी सिंह ने रविंद्र नाथ टैगोर के साहित्य, मानवतावादी विचारों एवं राष्ट्रचेतना में उनके योगदान को स्मरण किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. इंद्रजीत कुमार ने कहा कि इतिहास केवल अतीत का वर्णन नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के निर्माण की प्रेरणा है। उन्होंने विद्यार्थियों से देशभक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।

संगोष्ठी में महाविद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति एवं ऐतिहासिक चेतना से ओत-प्रोत रहा।

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