रागिनी-संजीव का प्रयास रंग लाया, पीड़ित पत्नी को 15 लाख का चेक व नौकरी का आश्वासन

Advertisements

रागिनी-संजीव का प्रयास रंग लाया, पीड़ित पत्नी को 15 लाख का चेक व नौकरी का आश्वासन

58 घंटे बाद समाप्त हुआ चतुर हरि मौत प्रकरण का धरना 

डीजे न्यूज़, तिसरा,धनबाद  : भौरा क्षेत्र में चतुर हरि की मौत के बाद माले में चल रहा धरना रविवार देर शाम 58 घंटे के बाद समाप्त हो गया। झरिया विधायक रागिनी सिंह एवं पूर्व विधायक संजीव सिंह के प्रयास से मृतक चतुर हरि की पत्नी रीता देवी को 15 लाख रुपये का मुआवजा तथा एक लाख रुपये दाह संस्कार के लिए प्रदान किया गया। मुआवजे का चेक स्वयं विधायक रागनी सिंह ने पीड़ित परिवार को सौंपा।

इसके साथ ही मृतक के परिवार के एक सदस्य को आउटसोर्सिंग के तहत नौकरी देने की भी घोषणा की गई। समझौते के बाद गुरुवार से बंद भौरा सी–2 परियोजना, कोल ट्रांसपोर्टिंग तथा रविवार से बंद सुदामडीह फायर पैच को पुनः चालू कर दिया गया, जिससे पूर्वी झरिया क्षेत्र प्रबंधन ने राहत की सांस ली।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक रागनी सिंह ने कहा कि कुछ लोग लाश पर राजनीति कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकते हैं, उन्हें गरीब और लाचार पीड़ित परिवार से कोई सरोकार नहीं होता। उन्होंने कहा कि व्यस्तता के कारण वे पहले मौके पर नहीं पहुंच सकीं, लेकिन जब शनिवार को घटनास्थल पर पहुंचीं तो पीड़ित परिवार ने बताया कि अब तक प्रबंधन से कोई वार्ता नहीं हुई है।

इसके बाद उन्होंने और पूर्व विधायक संजीव सिंह ने तत्काल क्षेत्र के महाप्रबंधक एवं आउटसोर्सिंग प्रबंधन से बातचीत शुरू की। शनिवार को बात नहीं बन पाई, लेकिन रविवार को पूर्व विधायक संजीव सिंह ने पुनः संबंधित अधिकारियों से वार्ता की, जिसके बाद अंततः प्रबंधन को झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि “हमारे क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर शोषित और पीड़ित को न्याय दिलाना हमारा कर्तव्य है।”

मौके पर संतोष सिंह, पूर्व पार्षद शिव कुमार यादव, उमेश यादव, ध्रुव हरि, सोनू सिंह, रामचंद्र पासवान, सुरेन्द्र सिंह, मनोज हरि सहित अन्य लोग उपस्थित थे। वहीं प्रबंधन की ओर से पूर्वी झरिया क्षेत्र के महाप्रबंधक टी. पासवान एवं परियोजना पदाधिकारी बी.के. पांडे मौजूद थे।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top