प्रवासी मजदूरों की रिहाई के लिए न तो भारत सरकार और न ही झारखंड सरकार गंभीर : विनोद सिंह

Advertisements

प्रवासी मजदूरों की रिहाई के लिए न तो भारत सरकार और न ही झारखंड सरकार गंभीर : विनोद सिंह

शहीद महेंद्र सिंह शहादत दिवस की सफलता को लेकर बगोदर में चौतरफा तैयारियां
श्रीप्रसाद बरनवाल, बगोदर (गिरिडीह) : आगामी 16 जनवरी को संयुक्त झारखंड–बिहार के चर्चित एवं लोकप्रिय नेता तथा बगोदर विधानसभा से लगातार तीन बार विधायक रहे शहीद कामरेड महेंद्र सिंह के शहादत दिवस पर बगोदर बस पड़ाव में आयोजित होने वाली जनसंकल्प सभा की ऐतिहासिक सफलता को लेकर बगोदर प्रखंड के गांव–पंचायतों में चौतरफा तैयारियां जोरों पर हैं।
इसी क्रम में मंगलवार को बगोदर पूर्वी जोन स्तरीय जीबी बैठक घघरी स्कूल के समीप आयोजित की गई। बैठक में पूर्वी जोन के सभी गांव–पंचायतों से सैकड़ों की संख्या में भाकपा (माले) के कार्यकर्ता एवं समर्थक शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता पूर्व जिला परिषद सदस्य सह माले के वरिष्ठ नेता गजेंद्र महतो ने की, जबकि संचालन पोखरिया पंचायत के मुखिया प्रदीप महतो ने किया।
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भाकपा (माले) के केंद्रीय कमिटी सदस्य एवं बगोदर के पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने कहा कि पश्चिमी अफ्रीका के नाइजर में बगोदर के पांच प्रवासी मजदूरों को बंधक बनाए जाने की घटना को आठ माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक उनकी सकुशल रिहाई नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि इन प्रवासी मजदूरों की रिहाई के लिए न तो भारत सरकार और न ही झारखंड सरकार की ओर से कोई गंभीर पहल दिखाई दे रही है।
विनोद कुमार सिंह ने डुमरी प्रखंड के दूधपनिया गांव के प्रवासी मजदूर विजय महतो का मामला उठाते हुए कहा कि सऊदी अरब में मृत्यु के बाद दो महीने बीत जाने के बावजूद अब तक उनका पार्थिव शरीर गांव नहीं लाया जा सका है, जो अत्यंत शर्मनाक और अमानवीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर केंद्र सरकार मनरेगा जैसे ग्रामीण गरीबों के अधिकारों को खत्म करने की साजिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर मजदूर विरोधी चार श्रम कानून लागू कर संगठित एवं असंगठित मजदूरों के अधिकारों को समाप्त कर कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड के छात्र–छात्राएं पिछले दो वर्षों से छात्रवृत्ति से वंचित हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि आगामी 16 जनवरी को शहीद महेंद्र सिंह के शहादत दिवस पर हजारों की संख्या में बगोदर पहुंचें, ताकि प्रवासी मजदूरों, छात्र–नौजवानों, संगठित व असंगठित मजदूरों तथा ग्रामीण गरीबों के हक और अधिकार की लड़ाई को और अधिक मजबूती से बुलंद किया जा सके।
बैठक में माले प्रखंड सचिव परमेश्वर महतो, भुनेश्वर महतो, प्रदीप महतो, कुमोद यादव, संजय यादव, खागीय देवी, पंचायत समिति सदस्य हेमिया देवी, अख्तर अंसारी, भोला महतो, हुलास विश्वकर्मा, भैरो महतो, रज़ाक अंसारी, राजू रजक, त्रिभुवन महतो, पुरन महतो, रंजीत मिर्धा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
इधर, इनौस राज्य अध्यक्ष संदीप जायसवाल, पूर्व प्रमुख मुस्ताक अंसारी, मुखिया सरिता साव एवं रामेश्वर यादव के नेतृत्व में हेसला और तिरला में ग्रामसभाओं का आयोजन किया गया। वहीं महिला नेत्री सह पूर्व जिला परिषद सदस्य पूनम महतो एवं खूबलाल महतो के नेतृत्व में टुकटुको, छोलाबार एवं जमुआरी गांवों में तथा भोला महतो और खगिया देवी के नेतृत्व में तारा नारी गांव में घर–घर जनसंपर्क अभियान के साथ धान एवं कोष संग्रह अभियान चलाया गया।
इसके अलावा इंकलाबी नौजवान सभा के नेता पंकज कुमार महतो एवं इमरान नजीर के नेतृत्व में माहुरी और बगोदर डीह बायपास क्षेत्र में शहादत दिवस को लेकर जोरदार दीवार लेखन (दिवाल लेखन) किया गया।
कुल मिलाकर, शहीद महेंद्र सिंह शहादत दिवस को ऐतिहासिक बनाने के लिए बगोदर क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क, संगठनात्मक बैठकों और अभियान के माध्यम से तैयारियां पूरे जोश के साथ जारी हैं।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top