पानी-बिजली को लेकर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, लोदना जीएम कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन
डीजे न्यूज, तिसरा (धनबाद) : झरिया के लोदना क्षेत्र स्थित बागडीगी बस्ती के ग्रामीणों ने गुरुवार को पेयजल और बिजली की समस्या से परेशान होकर लोदना महाप्रबंधक कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की और जल्द समस्या का समाधान नहीं होने पर ओपन कास्ट परियोजना का चक्का जाम करने की चेतावनी दी।
धरना के दौरान तेज धूप में बैठी ग्रामीण महिला मीना देवी की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। उन्हें तत्काल निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया।
ग्रामीण नेता नयन चक्रवर्ती ने कहा कि बागडीगी बस्ती पूरी तरह रैयती जमीन पर बसी है, जिसे उनके पूर्वजों ने बीसीसीएल को सौंपा था। इसके बावजूद आज भी गांव के लोगों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 24 घंटे में केवल चार घंटे बिजली मिलती है और पेयजल की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है।
उन्होंने बताया कि स्वर्गीय ए. के. राय के समय बिछाई गई पाइपलाइन ओपन कास्ट खनन शुरू होने के बाद उखाड़ दी गई। आंदोलन के बाद आधा-अधूरा पाइप बिछाकर ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया, लेकिन आज तक पानी का कनेक्शन नहीं जोड़ा गया। अभियंताओं पर भी समस्या के समाधान में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पानी और बिजली की समस्या दूर नहीं हुई तो पूरे गांव के लोग ओपन कास्ट परियोजना का चक्का जाम करेंगे और किसी भी अप्रिय स्थिति की जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
सूचना मिलने पर लोदना के महाप्रबंधक अनिल सिन्हा ने आंदोलनकारियों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि पेयजल लोगों की मूलभूत आवश्यकता है और माडा के साथ समन्वय कर समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ने और मैनपावर की कमी से परेशानी हुई है, लेकिन सुधार कार्य जारी है और शुक्रवार से स्थिति में सुधार दिखाई देगा।
जीएम ने यह भी बताया कि क्षेत्र में अवैध कोयला डिपो के खिलाफ सीआईएसएफ, थाना पुलिस और इंटरनल सिक्योरिटी के साथ संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा में आम जनता और मीडिया से सहयोग की अपील की।
धरना स्थल पर पहुंचे पूर्व पार्षद अनूप साव, सूरज भुईयां और श्रीराम गोराई ने आरोप लगाया कि कंपनी रैयतों की जमीन से कोयला निकाल रही है, लेकिन ग्रामीणों को पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं करा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो ग्रामीण कोयला उत्पादन ठप कराने को विवश होंगे।
वार्ता के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया। प्रदर्शन में बागडीगी बस्ती, जेलगोरा और हरिजन पट्टी के सैकड़ों ग्रामीण डेकची, बाल्टी और गैलन लेकर शामिल हुए।