



नगर निकाय चुनाव टालने की मंशा राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित : भाजयुमो

डीजे न्यूज, गिरिडीह : झारखंड में नगर निकाय चुनाव टालने को लेकर राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उच्च न्यायालय ने इस पर नाराजगी जताई है। भाजपा युवा मोर्चा ने भी कोर्ट की टिप्पणी के आलोक में सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से नगर निकाय चुनाव नहीं कराए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। अदालत ने साफ कहा है कि स्थानीय निकायों के चुनाव को टालना सीधे संविधान का उल्लंघन है। कोर्ट की इस टिप्पणी का समर्थन करते हुए भाजपा युवा मोर्चा के नगर कार्यसमिति सदस्य उत्कर्ष पाण्डेय ने कांग्रेस-झामुमो गठबंधन सरकार को आड़े हाथों लिया है। उत्कर्ष पाण्डेय ने कहा कि राज्य के कई नगर निकायों का कार्यकाल वर्षों पहले समाप्त हो चुका है, लेकिन सरकार अब तक चुनाव कराने में विफल रही है। इसके कारण प्रदेश के शहरी क्षेत्रों की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह से प्रशासकों के भरोसे चल रही है, जो लोकतंत्र की आत्मा के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निकायों के अधीन आने वाले अधिकांश शहरी इलाके मूलभूत सुविधाओं के संकट से जूझ रहे हैं। न तो स्वच्छता की व्यवस्था है और न ही सड़कें चलने लायक बची हैं। सरकार की यह लापरवाही और चुनाव टालने की मंशा पूरी तरह राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उत्कर्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की अनदेखी करने वाली इस मानसिकता को जनता कभी माफ नहीं करेगी।
