मनरेगा कर्मियों की नियुक्ति, नवीनतम महंगाई भत्ता आधारित ग्रेड पे का मामला विधानसभा में उठा

Advertisements

मनरेगा कर्मियों की नियुक्ति, नवीनतम महंगाई भत्ता आधारित ग्रेड पे का मामला विधानसभा में उठा
डीजे न्यूज, धनबाद:
सचेतक सह धनबाद विधायक राज सिन्हा ने मंगलवार को विधानसभा में ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत मनरेगा कर्मियों की नियुक्ति, नवीनतम महंगाई भत्ता आधारित ग्रेड पे, झारखंड में सभी विभागों के अंतर्गत विभिन्न संवर्ग में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों के स्वास्थ्य बीमा लाभ के समान मनरेगा कर्मियों को स्वास्थ्य बीमा लाभ नहीं दिए जाने का मामला उठाया।
विधायक ने सवाल किया कि क्या यह बात सही है कि झारखंड में मनरेगा कर्मियों की नियुक्ति विभागीय निर्देशानुसार वित्त विभाग के सभी मानक प्रक्रियाओं के तहत होती है? उन्होंने पूछा कि मनरेगा कर्मियों एवं अन्य  संविदा कर्मियों को स्वास्थ्य लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है ? लाभ से  वंचित कर्मियों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ कब तक दिया जाएगा?
ध्यानाकर्षण सूचना
विधायक ने विधानसभा सत्र में विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली के नियम 147 के तहत ध्यानाकर्षण की सूचना दी। इस विषय पर विधायक राज ने धनबाद जिला मुख्यालय व धनबाद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अनेक मुख्य पथ की दयनीय स्थिति की सूचना देते हुए जिला मुख्यालय से राज्य मुख्यालय रांची आवागमन हेतु मुख्य मार्ग की स्थिति के दयनीय होने की बात बताई। उन्होंने कहा कि स्थानीय सहित दूर दराज से आवागमन करने वाले यात्रियों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
मेमको मोड़ के पास आठलेन पथ पर फ्लाईओवर के निर्माण की गंभीरता से सदन को अवगत कराते हुए विधायक ने  इस पथ के निर्माण हेतु भौतिक प्रतिवेदन कंसल्टेंट द्वारा तैयार कर केंद्रीय निरूपण संगठन, पथ निर्माण विभाग झारखंड रांची को पूर्व में ही भेजे जाने की सूचना दी।
विधायक ने सदन के माध्यम से राज्य के सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक दिशा में गतिशीलता प्रदान करने में उक्त पथ के निर्माण हेतु तकनीकी व प्रशासनिक स्वीकृति दिलाते हुए अविलंब निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाने की मांग की।
उन्होंने मानसून सत्र में जनहित से जुड़े कई गंभीर विषयों से संबंधित सवाल किया। अल्प सूचित प्रश्न के तहत विधायक ने नगर विकास एवं आवास विभाग से संबंधित सवाल पूछा कि क्या यह बात सही है कि पिछले पाँच छः वर्षों में राज्य अंतर्गत नगर निकायों में राजस्व संग्रहण में कमी, विकास कार्यों के अनुश्रवण समुचित रूप से नहीं होने के कारण स्थानीय आमजन को नागरीय सुविधा उपलब्ध कराने में विफल रही है? दूसरा सवाल किया कि ,क्या यह बात सही है कि धनबाद सहित रांची, बोकारो, जमशेदपुर एवं अन्य जिला अंतर्गत नगर निकायों में पिछले पांच वर्षों से अधिष्ठापित स्ट्रीट लाइट, सड़कों की जीर्णशीर्ण अवस्था, पेयजल की निर्बाध आपूर्ति में कमी अन्य विकासात्मक कार्य अधूरे पड़े हुए हैं?
उन्होंने जोरदार तरीके से पूछा कि अगर यह बातें सही है और इनका उत्तर स्वीकारत्मक है तो क्या राज्य सरकार झारखंड नगर निकायों में वर्षों से अवरुद्ध विकासात्मक कार्य को क्रियान्वित करने का विचार रखती है और रखती है तो कब तक?

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top