मजदूर हाई स्कूल में घटिया निर्माण पर उपायुक्त सख्त, बहुउद्देशीय हॉल के ढांचे को ध्वस्त करने का निर्देश
कनीय अभियंता एवं संवेदक पर होगी कड़ी कार्रवाई, ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया की होगी वीडियोग्राफी
डीजे न्यूज, धनबाद: डीएमएफटी योजना के तहत झरिया प्रखंड स्थित मजदूर हाई स्कूल में निर्माणाधीन बहुउद्देशीय हॉल के निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं एवं गुणवत्ता में भारी कमी पाए जाने पर उपायुक्त आदित्य रंजन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त ने निर्धारित तकनीकी मानकों का उल्लंघन कर बनाए गए घटिया ढांचे को अविलंब ध्वस्त करने का निर्देश दिया है। साथ ही, निर्माण कार्य की निगरानी में लापरवाही बरतने वाले संबंधित कनीय अभियंता एवं संवेदक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
निर्माण कार्य में पाई गई गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए उपायुक्त के निर्देशानुसार बहुउद्देशीय हॉल के घटिया निर्माण को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्धारित तकनीकी मानकों का उल्लंघन कर तैयार किए गए ढांचे को हटाया जा रहा है। ध्वस्तीकरण की पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। साथ ही, इस मामले में जिम्मेदार संवेदक एवं संबंधित कनीय अभियंता के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
तकनीकी जांच में सामने आईं निर्माण कार्य की गंभीर खामियां
डीएमएफटी की तकनीकी टीम द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण में निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कई गंभीर खामियां पाई गईं। जांच के दौरान निम्नलिखित अनियमितताएं सामने आईं:
फ्लाई ऐश ईंटों की गुणवत्ता में कमी: निर्माण में प्रयुक्त फ्लाई ऐश ईंटों में आकार की एकरूपता का अभाव, खुरदरी सतह, टूटे किनारे एवं सतह पर दरारें पाई गईं।
चिनाई कार्य में तकनीकी खामी: कॉलम की चिनाई में निर्धारित Alignment का पालन नहीं किया गया था। गारे (Mortar Joints) के जोड़ असमान एवं अत्यधिक मोटाई के पाए गए तथा फिनिशिंग भी मानक के अनुरूप नहीं थी।
रिइंफोर्समेंट लैपिंग में अनियमितता: वर्टिकल रिइंफोर्समेंट में निर्धारित मानक के अनुरूप Lap Length नहीं पाई गई, जिससे भवन की संरचनात्मक मजबूती एवं सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका है।
बैकफिलिंग में अनुपयुक्त सामग्री का इस्तेमाल: प्लिंथ एवं संरचनात्मक भराव में मिट्टी के साथ अत्यधिक जैविक पदार्थ, पेड़-पौधों की जड़ें एवं निर्माण मलबा पाया गया, जिससे भविष्य में मिट्टी के धंसने एवं खाली स्थान बनने का खतरा है।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि डीएमएफटी सहित सभी सरकारी विकास योजनाओं में निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकारी राशि का दुरुपयोग तथा निर्धारित तकनीकी मानकों की अनदेखी किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिया है कि निर्माण कार्यों में लापरवाही एवं अनियमितता बरतने वाले संवेदकों को ब्लैकलिस्ट करने सहित संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं तकनीकी कर्मियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।