महिला आरक्षण पर सियासत तेज : कांग्रेस और सहयोगियों पर बरसे रलोजपा नेता राजकुमार राज

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महिला आरक्षण पर सियासत तेज : कांग्रेस और सहयोगियों पर बरसे रलोजपा नेता राजकुमार राज

डीजे न्यूज, गिरिडीह : राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार राज ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक का विरोध करने को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इन दलों का महिलाओं को सम्मान देने की प्रक्रिया से कोई वास्तविक सरोकार नहीं है।

राजकुमार राज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 2026 के महिला आरक्षण विधेयक का केवल विरोध ही नहीं किया, बल्कि इसके क्रियान्वयन के समय इसे रोकने का प्रयास भी किया। उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि कांग्रेस का पुराना राजनीतिक पैटर्न रहा है।

उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि 1996 में प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के कार्यकाल में जब महिला आरक्षण विधेयक पेश हुआ, तब कांग्रेस के समर्थन के बावजूद इसे पारित नहीं होने दिया गया। इसी तरह 1998, 1999, 2002 और 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार ने चार बार इस विधेयक को लाने की कोशिश की, लेकिन हर बार कांग्रेस के समर्थन के अभाव में यह पारित नहीं हो सका।

राज ने कहा कि 2010 में भाजपा ने यूपीए सरकार को राज्यसभा में विधेयक पारित कराने में समर्थन दिया, लेकिन लोकसभा में कांग्रेस पीछे हट गई, जिससे यह कानून आगे नहीं बढ़ सका। उन्होंने कहा कि 2023 में मोदी सरकार ने स्पष्ट बहुमत के बल पर महिला आरक्षण विधेयक पारित कराया, तब कांग्रेस के पास समर्थन देने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब 2023 में विधेयक का समर्थन किया गया, तो 2026 में ऐसा क्या बदल गया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इसका विरोध करने लगे। राजकुमार राज ने कहा कि 2023 के कानून में जनगणना और परिसीमन के बाद इसे लागू करने की बात कही गई थी, जो 2034 या उसके बाद तक लागू हो सकता है, और कांग्रेस को यही बात स्वीकार नहीं थी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल महिलाओं के अधिकारों पर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन जब उन्हें वास्तविक अधिकार देने की बात आती है, तो उनका “चाल, चरित्र और चेहरा” सामने आ जाता है।

अंत में उन्होंने महिला मतदाताओं और महिला नेत्रियों से अपील की कि वे कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के “भ्रामक बयानों” से सावधान रहें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पक्ष में खुलकर अपनी बात रखें। उन्होंने दोहराया कि राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी शुरू से ही महिला आरक्षण की समर्थक रही है।

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