लाभुकों को राशि न मिलने से असमंजस, मंईयां योजना में पारदर्शिता पर उठे सवाल

लाभुकों को राशि न मिलने से असमंजस, मंईयां योजना में पारदर्शिता पर उठे सवाल

आलिया तहसीन,धनबाद : झारखंड सरकार की मंईयां सम्मान योजना की दसवीं किस्त लाभुकों के खातों में भेजी जा रही है। कई महिलाओं को राशि मिलने पर राहत मिली है, लेकिन बड़ी संख्या में महिलाएं अब भी असमंजस की स्थिति में हैं। कुछ को शुरुआती किस्तें तो मिलीं, मगर अप्रैल माह के बाद से भुगतान रुक गया है।

पोर्टल से जानकारी नहीं मिल रही

योजना से जुड़ी सबसे बड़ी शिकायत पोर्टल पर जानकारी की कमी है। लाभुक महिलाएं न तो आवेदन की स्थिति जान पा रही हैं और न ही किस्त रुकने का कारण। वासेपुर की एक महिला ने बताया कि हर माह राशि आ रही थी, लेकिन इस साल अप्रैल से भुगतान बंद हो गया। उन्हें अब तक कारण का पता नहीं चल सका।

महिलाओं में जागरूकता की जरूरत

जानकारी के अभाव में महिलाएं साइबर कैफे और दलालों की मदद ले रही हैं, जिससे आर्थिक शोषण की स्थिति बन रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि योजना को सफल बनाने के लिए शहरी और ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना जरूरी है।

योजना सराहनीय, लेकिन सुधार जरूरी

मंईयां सम्मान योजना 18 से 49 वर्ष की महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। शुरुआत में प्रति माह 1000 रुपये दिए जाते थे, जिसे अब बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया गया है। लेकिन जब तक लाभुकों को स्पष्ट सूचना, तकनीकी पहुंच और पारदर्शिता नहीं मिलेगी, तब तक असमंजस दूर होना मुश्किल है।

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