कतरास-बाघमारा की खबरें:-
स्कूली वैन की चपेट में आकर मासूम जख्मी
डीजे न्यूज, कतरास (धनबाद):
मुराईडीह श्रमिक कॉलोनी में गुरुवार को स्कूल वैन की चपेट में आकर छह वर्षीय दृष्टि कुमारी जख्मी हो गई। जख्मी का इलाज कतरास के एक नर्सिंग होम मे चल रहा है। चिकित्सक के अनुसार दृष्टि कुमारी फिलहाल खतरे से बाहर है।
दोपहर लगभग 1:30 बजे के आसपास स्कूल में छुट्टी होने के बाद दृष्टि कुमारी अन्य बच्चों के साथ घर वापस लौट रही थी। मुराईडीह श्रमिक कॉलोनी की ओर से आ रही वैन की चपेट में वह आ गई। जख्मी दृष्टि के पिता प्रदुमन यादव दैनिक मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते है। इधर घटना की सूचना पाकर वैन के मालिक अस्पताल पहुंचे और जख्मी के इलाज का सारा खर्च उठाने को तैयार हो गए है।
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सेवानिवृत्त कर्मियों को दी गई भावभीनी विदाई
कतरास: रामकनाली कोलियरी के योग भवन में गुरुवार को सेवानिवृत्त कर्मियों के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। सेवानिवृत्त मैकनिकल फोरमैन सरोज उपाध्याय व इलेक्ट्रिकल फोरमैन तारकेश्वर पांडेय को भावभीनी विदाई दी गई। साथ ही सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन को समाज व परिवार के प्रति समर्पित कर बेहतर जिंदगी व्यतीत करने की शुभकामनाएं दी। मौके पर बिमलेश चौबे, संतोष मिश्रा, विनोद सिंह, राजेंद्र प्रसाद राजा, राजेश कुमार सिंह, राघवेंद्र पांडेय, केडी प्रसाद, बीसी बनर्जी आदि मौजूद थे।
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ग्रामीणों ने किया परिवहन कार्य ठप
कतरास: मधुबन थाना अंतर्गत नावागढ़ में गुरुवार को कोयला ट्रांसपोर्टिंग में बरती जा रही अनियमितताओं के विरोध में ग्रामीण आंदोलन पर उतर आये। ग्रामीणों ने महेशपुर कोलियरी से सिनीडीह, महेशपुर, नावागढ़ व फुलारीटांड़ होते हुए मधुबन वाशरी ले जा रहे कोयला लदे हाइवा वाहनों को रोक दिया।
ग्रामीणों का आरोप था कि ट्रांसपोर्टिंग कंपनी अधिक ट्रिप लगाने की होड़ में सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी कर रही है। बिना तिरपाल ढके ही खुले में अत्यधिक तेज गति से कोयला ढोया जा रहा है, जिससे उड़ते धूल के कारण आसपास के लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। वे हाइवा को तिरपाल से ढकने, गति सीमा नियंत्रित, सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव तथा मंगलवार को साप्ताहिक हटिया के दिन कोयला ट्रांसपोर्टिंग पूरी तरह बंद रखने की मांग कर रहे थे। सड़क जाम की सूचना के बाद मधुबन थाना परिसर में ट्रांसपोर्टिंग कंपनी के प्रतिनिधि और ग्रामीणों के बीच वार्ता आयोजित की गई। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में ग्रामीणों की चारों प्रमुख मांगों के समाधान का लिखित आश्वासन दिया गया। वार्ता सफल होने के लगभग एक घंटे बाद ग्रामीणों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त किया, जिसके बाद मार्ग पर कोयला वाहनों का परिचालन पुनः सामान्य हो सका।