एक दर्जन टीम ने बलियापुर में किया विभिन्न योजनाओं की जांच इनकम टैक्स के दायरे में रहने वाले लाभुकों का नाम पीडीएस से कटेगा लालाडीह में शिफ्ट होगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

Advertisements

एक दर्जन टीम ने बलियापुर में किया विभिन्न योजनाओं की जांच

इनकम टैक्स के दायरे में रहने वाले लाभुकों का नाम पीडीएस से कटेगा

लालाडीह में शिफ्ट होगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
डीजे न्यूज, बलियापुर(धनबाद): उपायुक्त आदित्य रंजन के निर्देश पर गठित एक दर्जन जांच टीम गुरुवार को बलियापुर पहुंची। टीम ने सरकारी योजनाओं, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, पीडीएस दुकान निर्माण आदि योजनाओं की  जांच की। योजनाओं की जांच एवं निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने उप विकास आयुक्त सन्नी राज के साथ बलियापुर प्रखंड कार्यालय सभागार में घंटों अधीनस्थ पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित किया। समीक्षा बैठक की जानकारी देते हुए उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि आज की जांच टीम द्वारा क्षेत्र के 20 आंगनबाड़ी केंद्र ,10 स्कूल एवं 10 पंचायत भवनों के साथ-साथ अन्य कई विकास एवं निर्माण योजनाओं की जांच की गई । इस अभियान में एक दर्जन टीम को लगाया था।उपायुक्त ने जन वितरण प्रणाली व्यवस्था को बेहतर बताया। वहीं कई जगह केवाईसी की कमी पाई गई जिसे ठीक कर लेने की बातें कहीं। इनकम टैक्स के दायरे में रहने वाले पीडीएस लाभुकों का नाम काटने का आदेश दिया गया है।
उपायुक्त ने कहा कि अंचल कार्यालय द्वारा लैंड बैंक रजिस्टर तैयार किया गया है ताकि किसी भी समय कोई भी सरकारी कार्य को तुरंत किया जा सके। डीसी ने पंचायत भवनों को बेहतर बताया तथा इसके लिए यहां के पंचायत प्रतिनिधियों के योगदान की सराहना की। स्वास्थ्य विभाग के बारे में कहा कि जिला स्तर पर सदर अस्पताल को सुधार कर लिया गया है। अब बलियापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को बेहतर बनाया जाएगा। डीसी ने लालाडीह में अधूरे पड़े अस्पताल भवन का निर्माण कर बलियापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को वहीं शिफ्ट करने की बातें कहीं, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
जल संकट पर डीसी ने कहा कि जिला स्तर पर जलापूर्ति योजना को दुरुस्त किया जा रहा है। समीक्षा बैठक में सभी विभागों के पदाधिकारी एवं पर्यवेक्षक मौजूद थे।
प्रखंड कार्यालय में उपायुक्त के निरीक्षण का समाचार मिलने पर प्रखंड व आंचल कार्यालय में आने वाले आम लोग नजर नहीं आए।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top