डुमरी में 120 बच्चों ने समर कैंप में सीखे जीवन के गुर, मोबाइल से दूरी बनाकर निखारी प्रतिभा
बरनवाल सेवा सदन के समर कैंप का भव्य समापन, बच्चों को मिला आत्मरक्षा, वैदिक शिक्षा व व्यवहारिक ज्ञान का प्रशिक्षण
डीजे न्यूज, डुमरी(गिरिडीह) : इसरी बाजार स्थित बरनवाल सेवा सदन में 5 जून से 11 जून तक आयोजित साप्ताहिक समर कैंप का समापन गुरुवार देर रात को किया गया। सात दिनों तक चले इस कैंप में 5 से 11 वर्ष आयु वर्ग के 120 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कैंप का उद्देश्य बच्चों को मोबाइल से दूर रखते हुए उनका मनोरंजन करने के साथ-साथ उन्हें विभिन्न उपयोगी और संस्कारयुक्त शिक्षाएं प्रदान करना था।
कैंप के दौरान बच्चों को चित्रकला, आत्मरक्षा, वैदिक शिक्षा, राष्ट्रभक्ति तथा व्यवहारिक ज्ञान की शिक्षा दी गई। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा को निखारने और उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया गया।
समापन समारोह में बरनवाल सेवा सदन के अध्यक्ष सूरज कुमार बरनवाल, बरनवाल युवक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवराम निशांत, महिला बरनवाल युवा महिला समिति की अध्यक्ष दिपा बरनवाल, सेवा सदन के सचिव सौरभ कुमार सानु तथा भाजपा नेता सुरेंद्र कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर बरनवाल सेवा सदन के नए सिंबल का भी अनावरण उपस्थित महिलाओं, पुरुषों एवं गणमान्य लोगों के बीच किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सेवा सदन के सचिव सौरभ कुमार सानु की अहम भूमिका रही।
समापन अवसर पर बरनवाल सेवा सदन के अध्यक्ष सूरज कुमार बरनवाल एवं उनकी पत्नी स्वाति बरनवाल ने सभी बच्चों के बीच उपहार वितरित किए, जिससे बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिला।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनकी प्रतिभा को निखारना भी आवश्यक है। ऐसे आयोजन बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का संचालन पवन कुमार गुप्ता ने किया। वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने में रेखा बरनवाल, मितु बरनवाल, निमिशा बरनवाल, मिरा बरनवाल, लक्ष्मी बरनवाल, अंसु बरनवाल, अंजु बरनवाल, बलवन्त कुमार (प्रज्ञा केंद्र), बरनवाल सेवा सदन के संरक्षक आनंद प्रसाद, उमेश प्रसाद, महेश प्रसाद, विजय कुमार, दीपक कुमार, विवेक कुमार, शशिकांत बरनवाल, राकेश बरनवाल, रंजीत कुमार सूर्यवंशी, संजीत राज चेतानी, विक्रम कुमार, धनंजय कुमार तथा अमन आर्या का सहयोग सराहनीय रहा।