बरटाँड़ बस स्टैंड को कतरास में शिफ्ट करने का विरोध झरिया विधायक रागिनी ने विधानसभा में उठाया मुद्दा

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बरटाँड़ बस स्टैंड को कतरास में शिफ्ट करने का विरोध

झरिया विधायक रागिनी ने विधानसभा में उठाया मुद्दा

डीजे न्यूज, धनबाद:धनबाद के बरटाँड़ स्थित बस स्टैंड को कतरास के लिलोरी स्थान स्थानांतरित करने की प्रस्तावित योजना को लेकर झारखंड विधानसभा में तीखी बहस छिड़ गई। बजट सत्र के दौरान गुरुवार को झरिया की विधायक रागिनी सिंह ने इस मुद्दे को सूचना के माध्यम से सदन में उठाते हुए सरकार पर सवालों की झड़ी लगा दी।

विधायक रागिनी ने कहा कि वर्तमान में बरटाँड़ बस स्टैंड को हटाकर कतरास के लिलोरी स्थान ले जाने की योजना बनाई जा रही है, जो कि धनबाद रेलवे स्टेशन से लगभग 15 किलोमीटर दूर है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय आम यात्रियों की सुविधा के विपरीत है और इससे विशेष रूप से मजदूर, छात्र, ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले यात्री और छोटे व्यवसायियों को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी।

उन्होंने सदन में कहा कि बरटाँड़ बस स्टैंड परिसर में ही लगभग 21 एकड़ जमीन उपलब्ध है, जिसे फिलहाल नगर निगम द्वारा सफाई कार्य के लिए एक निजी एजेंसी को दिया गया है। जब शहर के भीतर ही इतनी बड़ी जमीन मौजूद है, तो फिर बस स्टैंड को शहर से दूर स्थानांतरित करने की योजना क्यों बनाई जा रही है।

विधानसभा में सरकार को घेरा

रागिनी सिंह ने सरकार से तीखे शब्दों में सवाल करते हुए कहा कि क्या सरकार यात्रियों की सुविधा के बजाय उन्हें और अधिक परेशानी में डालने का निर्णय ले रही है? उन्होंने कहा कि धनबाद जैसे व्यस्त और औद्योगिक शहर में बस स्टैंड को शहर से 15 किलोमीटर दूर ले जाना न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि इससे यात्रियों को रेलवे स्टेशन और शहर तक आने-जाने में अतिरिक्त समय और पैसा भी खर्च करना पड़ेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि बस स्टैंड के स्थानांतरण से स्थानीय व्यापार और शहर की यातायात व्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।

यात्रियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

धनबाद कोयलांचल क्षेत्र का प्रमुख व्यावसायिक और परिवहन केंद्र है। यहां से रोजाना हजारों यात्री विभिन्न जिलों और राज्यों के लिए बस से यात्रा करते हैं। ऐसे में बस स्टैंड को शहर से दूर ले जाने का निर्णय यात्रियों के लिए नई परेशानियां खड़ी कर सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बस स्टैंड शहर के बाहर बनाया जाता है, तो यात्रियों को पहले शहर तक पहुंचने और फिर बस स्टैंड तक जाने के लिए अतिरिक्त परिवहन व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे।

शहर में ही बस स्टैंड विकसित करने की मांग

विधायक रागिनी ने सरकार से मांग की कि यात्रियों की सुविधा और शहर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बस स्टैंड को कतरास के लिलोरी स्थान पर स्थानांतरित करने के बजाय धनबाद शहर में ही उपलब्ध जमीन पर आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाए।

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