एशियाई यूनिवर्सिटी रैंकिंग में आईआईटी धनबाद का दमदार प्रदर्शन, 51 पायदान ऊपर चढ़ा
एशिया में 373वां स्थान हासिल किया, देश के आईआईटी में 12वें और शिक्षण संस्थानों में 86वें स्थान पर पहुंचा
डीजे न्यूज, धनबाद : आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक जगत में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में संस्थान ने 51 स्थानों की लंबी छलांग लगाते हुए एशिया में 373वां स्थान प्राप्त किया है। पिछले वर्ष संस्थान 424वें स्थान पर था। इस उपलब्धि के साथ आईआईटी धनबाद देश के सभी आईआईटी संस्थानों में 12वें और भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों में 86वें स्थान पर पहुंच गया है।
संस्थान की इस उपलब्धि को शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध कार्य, नवाचार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा का परिणाम माना जा रहा है। क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में भारत के कुल 325 उच्च शिक्षण संस्थानों को स्थान मिला है।
इस उपलब्धि पर संस्थान के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि रैंकिंग में 51 स्थानों का सुधार पूरे आईआईटी (आईएसएम) परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। एशिया में 424वें से 373वें स्थान तक पहुंचना शैक्षणिक उत्कृष्टता, बेहतर शोध, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय फैकल्टी सदस्यों, विद्यार्थियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, पूर्व छात्रों और सहयोगियों को दिया। साथ ही भविष्य में शिक्षा एवं अनुसंधान की गुणवत्ता को और मजबूत करने तथा वैश्विक पहचान बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
गौरतलब है कि जून 2026 में जारी क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में भी आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने अपने 100 वर्षों के इतिहास में पहली बार वैश्विक रैंकिंग में जगह बनाई थी। संस्थान को 701–710 के ग्लोबल रैंक बैंड में शामिल किया गया था। इस रैंकिंग में भारत के 52 संस्थानों में इसे 21वां और 13 आईआईटी में 11वां स्थान मिला था।
वहीं, क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग बाय सब्जेक्ट 2026 में मिनरल एंड माइनिंग इंजीनियरिंग के क्षेत्र में संस्थान ने देश में पहला और विश्व स्तर पर 21वां स्थान हासिल किया था। पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में 151–175 के वैश्विक रैंक बैंड में जगह मिली, जबकि मैकेनिकल इंजीनियरिंग पहली बार 501–575 रैंक बैंड में शामिल हुई।
लगातार मिल रही इन उपलब्धियों से आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की शैक्षणिक और अनुसंधान क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है। अपने दूसरे शतक में प्रवेश कर चुका यह संस्थान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचार के जरिए देश के विकास में योगदान देने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।