राम रथ के साथ गांवों में लौटी सत्संग की परंपरा
22 दिनों तक सरिया में गांव-गांव गूंजे रामायण के प्रसंग और भजन, राम रथ ने जगाई आस्था की अलख
डीजे न्यूज, सरिया (गिरिडीह) : गांवों में भक्ति की धारा बहाते हुए और लोगों को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए एकल अभियान श्रीहरि सत्संग समिति की ओर से संचालित राम रथ मंदिर का सरिया क्षेत्र में 22 दिनों का भ्रमण मंगलवार, 3 नवंबर को संपन्न हो गया। इस दौरान विभिन्न गांवों और विद्यालयों में रामायण के प्रसंग, भजन-कीर्तन और पूजा-पाठ के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना जगाई गई। कार्यक्रम के समापन के बाद राम रथ बगोदर प्रखंड क्षेत्र के लिए रवाना हो गया।
अंचल समिति के सचिव अनूप कुमार तर्वे ने बताया कि राम रथ का सरिया क्षेत्र में प्रवेश 7 अक्टूबर को हुआ था। इसके बाद लगातार विभिन्न गांवों एवं विद्यालयों में भ्रमण कर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अभियान का मुख्य उद्देश्य व्यसनमुक्त एवं संस्कारयुक्त समाज की स्थापना के साथ गांवों में सत्संग की परंपरा को बढ़ावा देना है। राम रथ के माध्यम से ग्रामीणों को रामायण सीरियल दिखाया गया। साथ ही भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ और आरती के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। रामचरितमानस के प्रसंगों के जरिए ग्रामीण एवं वनवासी क्षेत्रों में पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को पुनर्जीवित करने का संदेश दिया गया। रथ की संचालक व्यास प्रतिमा देवी ने कहा कि हमारे पूर्वज अपने घरों में रामायण और रामचरितमानस जैसे धार्मिक ग्रंथों का नियमित पाठ किया करते थे। लेकिन बदलती जीवनशैली और डिजिटल युग के प्रभाव से वर्तमान पीढ़ी में नियमित पाठ की परंपरा धीरे-धीरे कम होती जा रही है। उन्होंने कहा कि रामायण का पाठ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक जुड़ाव और नैतिक शिक्षा का भी माध्यम है। राम रथ जैसी पहल लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ आध्यात्मिक चेतना जगाने और धार्मिक ग्रंथों के प्रति रुचि बढ़ाने का बेहतर माध्यम है।
22 दिनों तक सरिया क्षेत्र में राम रथ के भ्रमण से गांवों में भक्तिमय माहौल बना रहा। इस धार्मिक अभियान में सारथी प्रेम महतो, संचालक गोमस्था सोरेन, अंचल समिति सचिव अनूप कुमार तर्वे, व्यास प्रतिमा देवी, नरेंद्र प्रसाद, आशीष तर्वे, लीलावती देवी, हरिओम बाबा सहित कई सामाजिक एवं धर्मप्रेमी लोगों का सराहनीय सहयोग रहा।