जलापूर्ति व्यवस्था की हुई समीक्षा, समस्याओं की पहचान कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने पर जोर
डीजे न्यूज, धनबाद: नगर निगम क्षेत्र में नियमित, पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजलापूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को नगर आयुक्त आशीष गंगवार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न वार्डों में जलापूर्ति की समस्याओं, पाइपलाइन लीकेज, वितरण नेटवर्क की तकनीकी कमियों, चालू एवं प्रस्तावित परियोजनाओं, लंबित एनओसी, पेयजल की गुणवत्ता जांच तथा जलापूर्ति टंकियों की साफ-सफाई एवं रखरखाव से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा की गई।
बैठक में वार्ड संख्या 1, 3, 6, 7, 8, 15, 16, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 29, 32, 33, 50 एवं 53 के विभिन्न मोहल्लों में जलापूर्ति की समस्याओं की समीक्षा की गई। इनमें रेलवे फाटक केवट मोहल्ला, सलानपुर बस्ती, पुराना श्याम बाजार, तेतुलमारी, सिजुआ, बांसजोड़ा, बासुदेवपुर, मंडल बस्ती, कुसुम विहार, , विकास नगर, विनोद नगर, महावीर नगर, संजय नगर, प्रेम नगर, डिगवाडीह एवं मनोहरटांड़ सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं। विशेष रूप से वार्ड 15 एवं 16 में JnNURM के अंतर्गत निर्मित जलापूर्ति टंकियों से नियमित जलापूर्ति नहीं होने के विषय पर भी चर्चा हुई। नगर आयुक्त ने संबंधित समस्याओं के मूल कारणों की पहचान कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
नगर निगम क्षेत्र में भगत सिंह चौक, लोयाबाद शिव मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, झारखंड मोड़, FCI गोदाम, बैंक मोड़, बरमसिया एवं धनसार चौक सहित विभिन्न स्थानों पर चिह्नित पाइपलाइन लीकेज की भी समीक्षा की गई। पाइपलाइन लीकेज से पेयजल की बर्बादी एवं वितरण दबाव प्रभावित होने की समस्या को देखते हुए इनके प्राथमिकता के आधार पर निराकरण की आवश्यकता बताई गई।
बैठक में भैलाटांड़ ESR, राजा तालाब ESR एवं मनझलाडीह नवाडीह ESR के वितरण नेटवर्क को पुराने निकटवर्ती नेटवर्क से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। साथ ही, कुछ स्थानों पर ESR के कार्यशील होने के बावजूद Missing Distribution Lines के कारण सभी क्षेत्रों में जलापूर्ति नहीं हो पाने की समस्या सामने आई। वार्ड संख्या 29 एवं 26 में बढ़ती आबादी एवं भवन निर्माण के अनुरूप जलापूर्ति नेटवर्क के विस्तार तथा अतिरिक्त ESR की आवश्यकता पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त, जलापूर्ति टंकियों में वाटर लेवल मीटर की अनुपलब्धता अथवा उनके कार्यशील नहीं होने तथा ओवरफ्लो लाइनों को वितरण नेटवर्क से नहीं जोड़े जाने जैसी तकनीकी कमियों के निराकरण पर जोर दिया गया।
बैठक में पेयजल की गुणवत्ता को विशेष प्राथमिकता देते हुए जल स्रोतों, ESR एवं वितरण नेटवर्क से नियमित अंतराल पर पानी के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता जांच कराने, जांच परिणामों का अभिलेख संधारित करने तथा गुणवत्ता संबंधी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई। जलापूर्ति टंकियों की नियमित साफ-सफाई, आवश्यकतानुसार कीटाणुशोधन, स्वच्छता एवं सुरक्षा व्यवस्था के निरीक्षण तथा समुचित रखरखाव सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
इस संबंध में यह स्पष्ट किया गया कि जलापूर्ति योजनाओं का संचालन एवं अनुरक्षण (Operation & Maintenance) पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल-1 एवं प्रमंडल-2 (DWSD-1 एवं DWSD-2) द्वारा किया जाता है। अतः जलापूर्ति की नियमितता, लीकेज की मरम्मत, वितरण नेटवर्क की कार्यशीलता, जल गुणवत्ता जांच एवं टंकियों की साफ-सफाई से संबंधित मामलों में दोनों प्रमंडलों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई।
बैठक में जलापूर्ति की चालू एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति तथा उनके क्रियान्वयन में आने वाली प्रशासनिक एवं तकनीकी बाधाओं की भी समीक्षा हुई। पाइपलाइन विस्तार, सड़क कटिंग, विभिन्न विभागों से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC), लंबित अनुमतियों एवं संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब रोकने तथा कार्य पूर्ण होने के पश्चात क्षतिग्रस्त सड़कों एवं सार्वजनिक संरचनाओं की समुचित पुनर्स्थापना सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
नगर आयुक्त ने कहा कि जलापूर्ति परियोजनाओं की सफलता केवल पाइपलाइन बिछाने अथवा टंकियों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक तक नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना इसका वास्तविक उद्देश्य है। इसके लिए उपलब्ध अवसंरचना का प्रभावी उपयोग, वितरण नेटवर्क की तकनीकी कमियों का निराकरण, लीकेज पर नियंत्रण, जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी तथा DWSD-1 एवं DWSD-2 सहित संबंधित विभागों एवं कार्यकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। बैठक में जलापूर्ति से संबंधित वर्तमान समस्याओं के त्वरित समाधान के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया गया।