डुमरी तीन नंबर गुरुद्वारा में धूमधाम से मना श्री गुरु रामदास जी का प्रकाश पर्व
शब्द-कीर्तन से निहाल हुई संगत, पालकी साहिब को फूलों से सजाया गया
डीजे न्यूज, झरिया(धनबाद): डुमरी तीन नंबर स्थित गुरुद्वारा में मंगलवार को सिखों के चौथे गुरु श्री गुरु रामदास जी का प्रकाश पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा परिसर में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरु दरबार में माथा टेककर आशीर्वाद लिया और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए अरदास की।
कार्यक्रम के दौरान स्त्री सत्संग की ओर से ‘गुरु राम दास राखो सरनाई’ और ‘धन धन राम दास गुरु जिन सिरिया तिने सवारिया’ जैसे भक्तिमय शब्दों का गायन किया गया। शब्द-कीर्तन से पूरा गुरुद्वारा परिसर भक्तिमय हो उठा। गुरु जी की पालकी साहिब को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने गुरु महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान आतिशबाजी की गई तथा संगत ने एक-दूसरे को प्रकाश पर्व की लख-लख बधाइयां दीं। श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद और मिठाई का वितरण भी किया गया।
गुरु रामदास जी के जीवन पर डाला प्रकाश
इस अवसर पर बाबा लखमीर सिंह ने श्री गुरु रामदास जी के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गुरु जी का बचपन कठिन परिस्थितियों में बीता। सात वर्ष की उम्र में ही उनके माता-पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उनकी नानी ने उनका पालन-पोषण किया।
उन्होंने बताया कि श्री गुरु रामदास जी ने सिख विवाह की पवित्र परंपरा ‘आनंद कारज’ के लिए चार लावों की रचना की। उनकी वाणी में आध्यात्मिकता, प्रेम, सेवा और समर्पण का संदेश मिलता है। गुरु जी की वाणी श्री गुरु ग्रंथ साहिब में संकलित है, जो आज भी श्रद्धालुओं को सच्चाई और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मंजीत कौर, रिंकी कौर, रीना कौर, सीमा कौर, परमजीत कौर, रंजीत कौर सहित अन्य श्रद्धालुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।