उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिकरुडीह में मनी महर्षि वाल्मीकि जयंती, बच्चों ने सीखे संस्कृत के श्लोक
डीजे न्यूज, देवरी (गिरिडीह) : देवरी प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिकरुडीह में सोमवार को शरद पूर्णिमा के अवसर पर महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिवार और छात्र-छात्राओं ने महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पूजा-अर्चना कर श्रद्धा व्यक्त की। बच्चों को महर्षि वाल्मीकि द्वारा संस्कृत में रचित रामायण की महत्ता से अवगत कराया गया। साथ ही छात्र-छात्राओं ने संस्कृत श्लोकों का पाठ किया और संस्कृत भाषा के अध्ययन के प्रति प्रेरित हुए।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक पप्पु कुमार ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण मानव समाज के लिए अमूल्य धरोहर है। यह सभी धर्मों, जातियों और समुदायों के लोगों को आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देती है। संस्कृत एक प्राचीन भाषा है, जिसका अध्ययन किसी एक धर्म तक सीमित नहीं है। इसके श्लोक मानवता, संस्कार और पूरे विश्व को एक परिवार मानने की भावना को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए संस्कृत का अध्ययन उपयोगी है। इससे उन्हें परीक्षा में भी लाभ मिलता है। संस्कृत के श्लोकों का अभ्यास शारीरिक और मानसिक जागरूकता की दृष्टि से भी लाभकारी हो सकता है। इस प्राचीन भाषा के संरक्षण के लिए समाज को अध्ययन-अध्यापन के महत्व को समझना होगा।
कार्यक्रम के दौरान काशी विश्वविद्यालय में संस्कृत की पढ़ाई कर रहे छात्र सूरज कुमार पांडेय को बच्चों को संस्कृत अध्ययन के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से विद्यालय की ओर से पुस्तकें भेंट की गईं। उन्हें सम्मानित कर प्रोत्साहित भी किया गया।
कार्यक्रम में अध्यक्ष पवन कुमार राय, सूरज पांडेय, शोभरण मंडल, सीमा दास, मो. मुस्तकीम, विजय शर्मा, उमेश मंडल सहित छात्र-छात्राएं अंजली कुमारी, अंशु कुमारी, सौरव कुमार, शेखर कुमार, कृष्ण कुमार और अभिषेक कुमार समेत अन्य लोग उपस्थित थे।