सड़क हादसों पर लगाम लगाने की तैयारी, ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
डीजे न्यूज, गिरिडीह : जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें ओवरस्पीडिंग, नशे में वाहन चलाने, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी और पुलिस विभाग को नियमित रूप से वाहन जांच अभियान चलाने तथा हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करने वाले चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया।
ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा उपायों को मिलेगी प्राथमिकता
उपायुक्त ने जिले में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट की पहचान कर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर स्पीड लिमिट बोर्ड, चेतावनी संकेतक तथा अन्य जरूरी सड़क सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। आवश्यकतानुसार स्पीड ब्रेकर निर्माण और सड़क सुधार के कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर पूरे करने को कहा गया।
विशेष रूप से डुमरी रेफरल अस्पताल के सामने स्पीड ब्रेकर बनाने का निर्देश दिया गया, ताकि वाहनों की रफ्तार नियंत्रित हो सके और अस्पताल आने-जाने वाले लोगों सहित आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हिट एंड रन मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर
बैठक में लंबित हिट एंड रन मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मामलों का नियमानुसार जल्द निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में आवश्यक प्रक्रियाओं को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। इसके साथ ही इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (IRAD) पोर्टल पर लंबित प्रविष्टियों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों की सटीकता बनाए रखने का निर्देश दिया गया।
नशे में वाहन चलाने और अवैध परिवहन पर शिकंजा
उपायुक्त ने नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष जांच अभियान चलाने और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा। अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए भी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से नियमित और विशेष वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
जागरूकता से कम होंगे सड़क हादसे
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कार्रवाई के साथ जनजागरूकता भी जरूरी है। उन्होंने थाना प्रभारियों और संबंधित विभागों को आम नागरिकों, वाहन चालकों तथा युवाओं के बीच जागरूकता अभियान चलाने को कहा। अभियान के दौरान हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बचने तथा नशे में वाहन नहीं चलाने के प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया। बैठक में गुड सेमेरिटन (नेक मददगार) से संबंधित रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई।