अवैध खनन पर प्रशासन का कड़ा रुख, रात में भी होगी छापेमारी; लापरवाही पर कार्रवाई
डीजे न्यूज, गिरिडीह : जिले में अवैध खनन, खनिजों की गैरकानूनी ढुलाई और अनधिकृत भंडारण पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी तेज करने का निर्देश दिया है। सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में जिला खनन टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक हुई। इसमें अवैध खनन के खिलाफ संयुक्त छापेमारी, रात्रिकालीन गश्ती और प्रमुख खनिज परिवहन मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को खनन गतिविधियों की नियमित निगरानी करने तथा अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों, संचालकों और वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि अवैध खनन से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन भी होता है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई के साथ संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
### संयुक्त छापेमारी से अवैध कारोबार पर लगेगी रोक
उपायुक्त ने खनन विभाग, पुलिस और वन विभाग को आपसी समन्वय के साथ नियमित संयुक्त जांच एवं छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने संवेदनशील खनन क्षेत्रों, खनिज परिवहन मार्गों और अवैध गतिविधियों की आशंका वाले स्थानों को चिह्नित कर विशेष निगरानी रखने को कहा। साथ ही, सूचना तंत्र मजबूत करने और अवैध उत्खनन या परिवहन की सूचना मिलते ही कार्रवाई करने पर जोर दिया।
### बिना चालान खनिज ढुलाई करने वालों पर कार्रवाई
बैठक में प्रमुख खनिज परिवहन मार्गों, चेक पोस्ट और पिकेट पर वाहनों की सघन जांच करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि खनिज परिवहन के दौरान वैध चालान और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाए। बिना वैध दस्तावेज खनिज ढुलाई, ओवरलोडिंग या अन्य अनियमितता मिलने पर संबंधित वाहन एवं खनिज को नियमानुसार जब्त करने सहित कानूनी कार्रवाई की जाए। जांच और कार्रवाई से संबंधित अभिलेख भी व्यवस्थित रखने को कहा गया, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
### रात में भी होगी निगरानी, अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण का निर्देश
अवैध खनन और खनिजों की चोरी-छिपे ढुलाई पर अंकुश लगाने के लिए उपायुक्त ने रात्रिकालीन गश्ती और औचक निरीक्षण बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि केवल दिन में जांच करना पर्याप्त नहीं है। संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख परिवहन मार्गों पर जरूरत के अनुसार रात में भी निगरानी की जाए।
सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों और अंचलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करने तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, पूर्वी एवं पश्चिमी वन प्रमंडल पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।