शालीमार में 104 लोगों का रक्त पट्ट संग्रह
डीजे न्यूज, झरिया(धनबाद): फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झरिया-सह-जोड़ापोखर की मेडिकल टीम और पीरामल फाउंडेशन की ओर से शालीमार क्षेत्र के सुंदर नगर में शनिवार रात को रक्त पट्ट संग्रह (नाइट ब्लड सर्वे) अभियान चलाया गया। इस दौरान लगभग 104 लोगों के रक्त के नमूने संग्रहित किए गए। अभियान का उद्देश्य शरीर में माइक्रोफाइलेरिया की पहचान कर समय रहते संक्रमण का पता लगाना और बीमारी के प्रसार को रोकना है।
मेडिकल टीम के अनुसार, 20 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की यह जांच निःशुल्क की जा रही है। जांच रात करीब 10 बजे से शुरू होती है, क्योंकि माइक्रोफाइलेरिया के परजीवी रात के समय रक्त में अधिक सक्रिय होकर दिखाई देते हैं। इसलिए इनकी पहचान के लिए रात में रक्त के नमूने लिए जाते हैं। अभियान की निगरानी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और पीरामल फाउंडेशन की टीम भी कर रही है।
टीम के चिकित्सक डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलने वाला रोग है। संक्रमित मच्छरों के माध्यम से यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकती है। लंबे समय तक बीमारी का पता नहीं चलने पर हाथ-पैर सहित शरीर के कुछ अंगों में असामान्य सूजन और विकृति हो सकती है, जिससे मरीज को सामाजिक और पारिवारिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि फाइलेरिया के शुरुआती चरण में अक्सर स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। जब बीमारी के लक्षण सामने आते हैं, तब तक नुकसान हो चुका होता है और उसका उपचार कठिन हो सकता है। इसलिए समय पर जांच कराना बेहद जरूरी है। रक्त पट्ट की जांच से माइक्रोफाइलेरिया की पहचान की जाएगी। जांच में संक्रमण की पुष्टि होने पर स्वास्थ्य विभाग के निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार संबंधित व्यक्ति को दवा दी जाएगी।
पीरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम ऑफिसर मोहम्मद खालिद तनवीर ने लोगों से अपील की कि जांच टीम जब उनके घर पहुंचे, तो वे रात में टीम को पूरा सहयोग करें और जांच कराने में किसी तरह की हिचकिचाहट न रखें। उन्होंने कहा कि लोगों की भागीदारी से ही फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
अभियान में डॉ. दिलीप कुमार, अवधेश कुमार, डॉ. वरुण कुमार, बबीता देवी, पिंकी देवी, निर्मला देवी, मोहम्मद खालिद तनवीर तथा क्षेत्र की सहिया बेबी देवी और चंदना दास सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।