आदिवासी संस्कृति का प्रतीक है दसांय नृत्य: प्रोफेसर अभिषेक

आदिवासी संस्कृति का प्रतीक है दसांय नृत्य: प्रोफेसर अभिषेक

बलियापुर: आदिवासी सामाजिक एवं संस्कृति संरक्षण समिति की ओर से शनिवार को प्लस टू हाई स्कूल मैदान बलियापुर में दसांय नृत्य का आयोजन किया गया। समाज के नायकी हड़ाम द्वारा पूजा अर्चना के साथ ही नृत्य का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से करीब एक दर्जन नृत्य दलों ने भाग लिया। प्रतिभागी सभी नृत्य दलों ने आकर्षक दसांय नृत्य प्रस्तुत किया।  सिंदरी बीआईटी के प्रोफेसर अभिषेक हेंब्रम एवं प्रोफेसर विजय बेसरा ने दसांय नृत्य को आदिवासी संस्कृति का प्रतीक बताया। अपनी संस्कृति की रक्षा एवं संरक्षण के लिए इस तरह के कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की जरूरत‌ पर बल दिया। इस अवसर पर अधिवक्ता सोहन सोरेन, श्रीकांत किस्कू, आजाद हांसदा, शारदा प्रसाद टुडू, सुनीता किस्कू, विनय मरांडी, अविलाल किस्को, रविश्वरार मरांडी, ईश्वर मरांडी, निर्मल रजवार, राजेंद्र हेंब्रम, दिलीप मरांडी, राजीव हांसदा, सूरजकांत सोरेन, दशरथ किस्कू समेत सैकड़ो लोग उपस्थित थे।

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