भू-धंसान और असुरक्षित खनन का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पहुंचा
अधिवक्ता दीपनारायण के शिकायत को आयोग ने लिया संज्ञान
डीजे न्यूज, कतरास (धनबाद):
कतरास व आसपास के क्षेत्र में हो रहे भू-धंसान, भूमिगत आग और असुरक्षित खनन का मामला राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के पास पहुंच गया है। इस मुद्दे को लेकर कतरास निवासी अधिवक्ता दीपनारायण भट्टाचार्य ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत को आयोग ने संज्ञान में लेते हुए डायरी नंबर 22069 / IN /2026 आवंटित किया है। वहीं इसी मामले में धनबाद कोर्ट में भी HRC No. 1/2026 के तहत मामला दायर है। शिकायत में धनबाद जिले के झरिया, कतरास, सिजुआ, कुसुंडा, बस्ताकोला, लोदना और गोविंदपुर समेत प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया है। याचिका में कहा गया है कि भू-धंसान , जहरीली गैस के रिसाव और अवैध खनन से लोगों के जीवन, आवास और संपत्ति पर खतरा बना हुआ है। शिकायत में ₹5,940.47 करोड़ के संशोधित झरिया मास्टर प्लान के बावजूद पुनर्वास में देरी का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही बंद खदानों और गड्ढों को वैज्ञानिक तरीके से भरने तथा अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका में धनबाद का वैज्ञानिक सर्वेक्षण, GIS आधारित खतरा मानचित्र, 24×7 आपातकालीन कंट्रोल रूम तथा संवेदनशील क्षेत्रों के परिवारों का तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वास और राहत देने की मांग की गई है। मामले में बीसीसीएल के सभी 12 एरिया महाप्रबंधकों सहित जिला प्रशासन, पुलिस, सीआइएसएफ, नगर निगम और डीजीएमएस को प्रतिवादी बनाया गया है।