टुंडी के 99 स्कूलों में आउट ऑफ स्कूल बच्चों का सर्वे बेहद सुस्त, डीईओ ने जताई नाराजगी
डीजे न्यूज, टुंडी, धनबाद : टुंडी प्रखंड में आउट ऑफ स्कूल बच्चों को स्कूल से जोड़ने का विशेष अभियान कछुआ चाल चल रहा है। हाउसहोल्ड सर्वे का काम तय समय में पूरा नहीं होने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) अभिषेक झा ने सख्त रुख अपनाया है।
डीईओ ने बीईईओ सह बीआरसी टुंडी को निर्देश दिया है कि हाउसहोल्ड सर्वे पूरा नहीं करने वाले विद्यालयों से स्पष्टीकरण पूछा जाए। उन्होंने कहा है कि अभियान के सातवें सप्ताह में 100 प्रतिशत हाउसहोल्ड सर्वे पूरा हो जाना था, लेकिन सर्वे का प्रतिशत अत्यंत ही कम है। इसी तरह वर्कसाइट पॉकेट में भी सर्वे की प्रगति बहुत कम है। बीईईओ को निर्देश दिया गया है कि पांच सितंबर तक संबंधित स्कूलों से स्पष्टीकरण प्राप्त करना सुनिश्चित करें। साथ ही संबंधित प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड साधनसेवी एवं संकुल साधन तथा प्रखंड एमआईएस कोऑर्डिनेटर से भी स्पष्टीकरण लेकर पांच सितंबर तक रिपोर्ट भेजें।
क्या है विशेष अभियान: आउट ऑफ स्कूल बच्चों के नामांकन के लिए विशेष अभियान (स्पेशल इनरॉलमेंट एंड ट्रैकिंग फॉर इंगेजमेंट ऑफ आउट ऑफ स्कूल चिल्ड्रन) चलाया जा रहा है। अभियान सात जुलाई से शुरू होकर सात सितंबर तक निर्धारित है। राज्यभर में 39 प्रखंडों के 3469 स्कूलों को चिह्नित किया गया है। इनमें धनबाद के टुंडी प्रखंड के 99 स्कूल भी शामिल हैं। टुंडी के इन स्कूलों से 220 शिक्षक टैग हैं। 9846 छात्र-छात्राओं का नामांकन है। हाउसहोल्ड 10,078 है।
हाउसहोल्ड सर्वे के दौरान टुंडी के जो बच्चे अनामांकित एवं विद्यालय से ड्रॉपआउट हैं और अभी भी विद्यालय से बाहर हैं, उनकी पहचान कर उन्हें विद्यालय में नामांकित करते हुए शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ा जाना है। अभियान के दौरान हैबिटेशन में 100 फीसदी नामांकन प्राप्त करने पर जीरो ड्रॉपआउट विद्यालय घोषित करना है। स्कूलों के पोषक क्षेत्र में संचालित होटल, ढाबा, बस स्टैंड, क्रशर, ईंट-भट्टा, झुग्गी-झोपड़ी, कृषि क्षेत्र समेत अन्य क्षेत्रों का सर्वे कर आउट ऑफ स्कूल बच्चों का सर्वेक्षण होना है।
क्या है ड्रॉपबॉक्स: यू-डायस प्लस में ड्रॉपबॉक्स एक सुविधा है, जो स्कूल छोड़ने वाले या नए स्कूल में प्रवेश लेने वाले छात्रों के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखती है। बच्चे किसी स्कूल को छोड़ते हैं तो उनका डेटा ड्रॉपबॉक्स में रहता है।