आदिवासी सीट घटाने के मामले पर पुनर्विचार करें परिसीमन आयोग: माकपा
डीजे न्यूज, रांची:
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का राज्य सचिवमंडल ने आदिवासी संगठनों की यह मांग कि परिसीमन में अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों की संख्या कम नहीं हो, का समर्थन किया है।
उल्लेखनीय है कि इसी मुद्दे पर माकपा और अन्य पार्टियों के भारी विरोध के चलते वर्ष 2006 में झारखंड में परिसीमन का काम स्थगित कर दिया गया था। पार्टी के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने कहा कि जनसंख्या अनुपात के नाम पर आदिवासी सीटों का प्रतिशत या उनकी सामाजिक – राजनीतिक और सांस्कृतिक पहचान कमजोर करने के किसी भी प्रयास का डट कर विरोध होगा। जहां आदिवासियों की
लगातार कम होती जनसंख्या पर चिंता जाहिर की। माकपा केंद्रीय सरकार और परिसीमन आयोग से मांग करती है की आदिवासी और दलित सीटों के प्रतिशत या संख्या में कमी होने से झारखंड में उत्पन्न होने वाले असंतोष को ध्यान में रखे और जरूरी कदम उठाए ताकि आदिवासियों और दलितों के लिए जो संवैधानिक संरक्षण है वो कमजोर नहीं हो।