लोकसभा में धनबाद की आवाज बने सांसद ढुलू महतो
क्षेत्र से जुड़े पांच महत्वपूर्ण मुद्दे सदन में उठाए
डीजे न्यूज, धनबाद: धनबाद लोकसभा क्षेत्र के विकास और स्थानीय लोगों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को लेकर धनबाद सांसद ढुलू महतो ने लोकसभा में लगातार सवाल उठाए। सांसद द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के माध्यम से धनबाद में रोजगार, सड़क सुरक्षा, औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं, श्रमिक हितों तथा पर्यटन विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों को केंद्र सरकार के समक्ष रखा गया। इन प्रश्नों के जवाब में संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों ने धनबाद से जुड़े विभिन्न विषयों पर सदन में स्थिति स्पष्ट की है।
धनबाद में आधुनिक सॉफ्टवेयर पार्क और आईटी क्षेत्र के विकास का मुद्दा
सांसद ढुलू महतो ने लोकसभा में धनबाद में आधुनिक सॉफ्टवेयर पार्क अथवा उद्योग-शैक्षणिक नवाचार केंद्र स्थापित किए जाने की संभावनाओं को लेकर प्रश्न उठाया। उन्होंने धनबाद में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-आईएसएम), बीआईटी सिंदरी और केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआईएमएफआर) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हर वर्ष तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं के निकलने तथा रोजगार के लिए उनके दूसरे शहरों की ओर पलायन का विषय उठाया।
शिक्षा मंत्रालय की ओर से दिए गए जवाब में बताया गया कि झारखंड में आईआईटी (आईएसएम) धनबाद सहित एनआईटी जमशेदपुर और आईआईटी रांची जैसे संस्थान कार्यरत हैं। जवाब में यह भी बताया गया कि आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने अपने इनक्यूबेशन केंद्रों के माध्यम से लगभग 150 स्टार्टअप के इनक्यूबेशन में सहयोग किया है तथा प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
इसके अतिरिक्त, धनबाद में चार नवाचार एवं इनक्यूबेशन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें टेक्समिन फाउंडेशन, सीआईडीसीआईआई आईआईटी (आईएसएम) धनबाद फाउंडेशन, अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर तथा सीआईडीसीआईआई इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर शामिल हैं। ये केंद्र नवाचार, उद्यमिता, स्टार्टअप, उद्योग-शैक्षणिक सहयोग और कौशल विकास को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं।
साथ ही, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) ने धनबाद के बीआईटी सिंदरी परिसर में अपना केंद्र स्थापित किया है। यह केंद्र अत्याधुनिक आईटी ग्रेड अवसंरचना के साथ विकसित किया गया है और स्टार्टअप एवं आईटी/आईटीईएस उद्योग को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।
राजगंज–गोविंदपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया
सांसद ढुलू महतो ने धनबाद जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग के राजगंज–गोविंदपुर खंड पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और सड़क सुरक्षा का मुद्दा भी लोकसभा में उठाया। उन्होंने जनवरी से अप्रैल 2026 के दौरान हुई सड़क दुर्घटनाओं में 91 लोगों की मृत्यु और 30 लोगों के गंभीर रूप से घायल होने से संबंधित जानकारी सरकार से मांगी तथा ब्लैक स्पॉट, अनधिकृत कट, खराब दृश्यता और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों के कारण उत्पन्न खतरे पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अपने जवाब में बताया कि राजगंज से गोविंदपुर खंड में वर्ष 2021-23 की ब्लैक स्पॉट श्रृंखला के अनुसार कुल 8 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए थे। इनमें से 5 ब्लैक स्पॉट पर एनएच-19 के 6-लेन चौड़ीकरण के दौरान अंडरपास, फुट ओवरब्रिज, सर्विस रोड और अन्य सुरक्षा उपायों के माध्यम से सुधार कार्य किए जा चुके हैं।
शेष 3 ब्लैक स्पॉट चेनज 407+500, 408+120 और 410+180 पर स्थित हैं। मंत्रालय के अनुसार ये स्थान 6-लेन गोविंदपुर एलिवेटेड परियोजना खंड के अंतर्गत आते हैं और एलिवेटेड कॉरिडोर के पूरा होने के साथ इनका सुधार किया जाएगा। परियोजना के पूरा होने की निर्धारित तिथि मार्च 2028 बताई गई है।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि परियोजना गलियारे में लगी स्ट्रीट लाइटें वर्तमान में चालू हैं और संचालन अवधि के दौरान खराबी आने पर उन्हें तुरंत ठीक किया जाता है। सड़क सुरक्षा के लिए तीन फुटओवर ब्रिज, रंबल मार्किंग तथा अन्य सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराए गए हैं। यातायात निगरानी के लिए लगभग 2 किलोमीटर के अंतराल पर क्लोज्ड-सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) कैमरे लगाए गए हैं।
इसके अलावा गलत दिशा में वाहन चलाने, तेज गति और शराब पीकर वाहन चलाने जैसे मामलों पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के समन्वय से नियमित सड़क सुरक्षा अभियान और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
धनबाद–बोकारो औद्योगिक क्षेत्र में इनलैंड कंटेनर डिपो का मुद्दा
धनबाद–बोकारो औद्योगिक क्षेत्र में इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) की आवश्यकता का विषय भी सांसद ढुलू महतो ने लोकसभा में उठाया। उन्होंने कोयला, इस्पात तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के आयात-निर्यात को सुगम बनाने, परिवहन लागत और समय को कम करने तथा स्थानीय उद्योगों को वैश्विक बाजार से बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए आधुनिक कंटेनर डिपो की आवश्यकता पर सरकार से जानकारी मांगी।
रेल मंत्रालय की ओर से दिए गए जवाब में बताया गया कि वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अंतर्गत गठित अंतर-मंत्रालयी समिति (IMC), इनलैंड कंटेनर डिपो, कंटेनर फ्रेट स्टेशन और एयर फ्रेट स्टेशन स्थापित करने संबंधी प्रस्तावों का मूल्यांकन करती है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इनलैंड कंटेनर डिपो स्थापित करने का कोई प्रस्ताव रेलवे में लंबित नहीं है। हालांकि, पत्तनों से घरेलू कंटेनरों को बर्काकाना के एजिक्यूटिव कंटेनर रेल टर्मिनल (ECRT) का उपयोग करके भेजा जा सकता है।
रेलवे द्वारा लॉजिस्टिक दक्षता और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। जवाब के अनुसार अब तक 142 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (GCT) कमीशन किए जा चुके हैं, जिनमें धनबाद–बोकारो औद्योगिक क्षेत्र को कवर करने वाले धनबाद एवं आद्रा मंडलों में 11 GCT शामिल हैं।
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया में औद्योगिक संबंध संहिता 2026 का मुद्दा
सांसद ढुलू महतो ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) तथा उसकी सहायक विनिर्माण इकाइयों में औद्योगिक संबंध संहिता, 2026 के कार्यान्वयन को लेकर भी लोकसभा में प्रश्न उठाया।
इस प्रश्न के जवाब में इस्पात मंत्रालय ने बताया कि भारत सरकार द्वारा चार श्रम संहिताएं लागू की गई हैं—मजदूरी संहिता, 2019; औद्योगिक संबंध संहिता, 2020; सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता, 2020। ये संहिताएं 21 नवंबर 2025 से प्रभावी हैं तथा इनके अंतर्गत केंद्रीय नियम 8 मई 2026 को अधिसूचित किए गए हैं।
मंत्रालय के अनुसार, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम होने के कारण संबंधित श्रम प्राधिकरणों से परामर्श करते हुए श्रम संहिताओं और उनके अंतर्गत केंद्रीय नियमों के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई कर रहा है।
धनबाद के पर्यटन और विरासत स्थलों के विकास का मुद्दा भी सदन में उठाया
सांसद ढुलू महतो ने धनबाद को केवल ‘कोयला राजधानी’ के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रमुख पारिस्थितिकी-पर्यटन एवं विरासत पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी सरकार का ध्यान आकृष्ट किया।
उन्होंने मैथन एवं पंचेत बांध, तोपचांची झील, भटिंडा जलप्रपात और जिनशी पहाड़ी स्थित प्राचीन मंदिर जैसे प्रमुख प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने, इनके बुनियादी ढांचे, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के संबंध में सरकार से जानकारी मांगी।
पर्यटन मंत्रालय ने जवाब में स्पष्ट किया कि पर्यटन स्थलों और पर्यटन उत्पादों का विकास एवं संवर्धन मुख्य रूप से संबंधित राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा किया जाता है। हालांकि, पर्यटन मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पर्यटन से संबंधित बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रयासों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि धनबाद लोकसभा क्षेत्र को मैथन और पंचेत बांध, तोपचांची झील, भटिंडा जलप्रपात तथा जिनशी पहाड़ी स्थित प्राचीन मंदिरों के साथ एक प्रमुख पारिस्थितिकी-पर्यटन और विरासत परिपथ के रूप में विकसित करने संबंधी कोई प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है। पर्यटन परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता हेतु राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन से प्रस्ताव प्राप्त करना एक सतत प्रक्रिया है।
सांसद ढुलू महतो ने कहा कि धनबाद लोकसभा क्षेत्र की जनता से जुड़े विकास, रोजगार, सड़क सुरक्षा, उद्योग, व्यापार, पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं के विषयों को संसद में मजबूती से उठाना उनकी प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा, “धनबाद के युवाओं के लिए रोजगार और अवसर बढ़ाने, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने, उद्योग एवं व्यापार के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा क्षेत्र के पर्यटन स्थलों के विकास के लिए केंद्र सरकार का ध्यान लगातार आकृष्ट किया जा रहा है। संसद में सवाल पूछना केवल जानकारी प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इन विषयों को आगे समाधान की दिशा में ले जाना भी हमारा उद्देश्य है।”
सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से दिए गए जवाबों के आधार पर संबंधित विषयों को आगे भी उचित स्तर पर उठाया जाएगा और धनबाद के विकास से जुड़े मामलों में आवश्यक पहल के लिए लगातार प्रयास किया जाएगा।