सहियाओं का मानदेय लंबित तो बीएलओ का पारिश्रमिक

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सहियाओं का मानदेय लंबित तो बीएलओ का पारिश्रमिक

समस्याएं नहीं सुलझीं तो होगा आंदोलन : भगवान दास

डीजे न्यूज, तिसरा (धनबाद) : भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) झरिया लोकल कमिटी के सचिव भगवान दास ने झरिया प्रखंड क्षेत्र में चल रहे विशेष गहन पूर्ण निरीक्षण कार्य तथा स्वास्थ्य कर्मियों और सहियाओं की भूमिका की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पूर्ण निरीक्षण कार्य में सहियाएं और बीएलओ सक्रिय रूप से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।

भगवान दास ने बताया कि कुछ स्वास्थ्य कर्मियों तथा बीएलओ से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि सहियाओं का मानदेय पिछले तीन-चार महीने से लंबित है। वहीं बीएलओ को किसी प्रकार का पारिश्रमिक नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि बूथों पर बीएलओ के लिए आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि महिला कर्मियों की समस्याएं और भी गंभीर हैं। झरिया और घनुआडीह क्लस्टर के अंतर्गत उनका कोई स्थायी कार्यालय नहीं है। उनकी बैठकें कभी सहिया साथी के घर, कभी आंगनबाड़ी केंद्र, कभी बालू गद्दा तो कभी घनुआडीह के भूधंसान प्रभावित इलाके में आयोजित की जाती हैं, जिनमें बीटीटी भी शामिल होते हैं।

भगवान दास ने आरोप लगाया कि झरिया प्रखंड क्षेत्र की आंगनबाड़ी व्यवस्था में भ्रष्टाचार व्याप्त है तथा ऊपरी अधिकारियों द्वारा सहियाओं का शोषण किया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में झरिया प्रखंड में पानी और बिजली की समस्या भी लगातार गहराती जा रही है। कभी लोडशेडिंग तो कभी मशीनों की खराबी के कारण आम जनता सालभर परेशान रहती है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के समाधान में जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी दिखाई नहीं पड़ रही है।

उन्होंने उपायुक्त तथा संबंधित अधिकारियों से इन सभी समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। भगवान दास ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) झरिया लोकल कमिटी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन में स्वास्थ्य कर्मियों, बीएलओ, सहियाओं तथा आम जनता की गोलबंदी की जाएगी।

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