गिरिडीह सदर अस्पताल में बिना रैपर लगा स्लाइन चढ़ाने से छात्रा की बिगड़ी तबीयत, परिजनों का हंगामा
डीजे न्यूज, गिरिडीह : भले ही राज्य सरकार और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफ़ान अंसारी राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। गिरिडीह जिले के सदर अस्पताल से एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार गिरिडीह शहर के अरगाघाट रोड निवासी सुरेंद्र श्रीवास्तव की पुत्री नम्रता अखोरी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उसकी माँ आभा देवी उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचीं, जहां चिकित्सकों ने उसे तुरंत भर्ती करने की सलाह दी। परिजनों ने नम्रता को अस्पताल में भर्ती कराया।
परिजनों का आरोप है कि जैसे ही नम्रता को स्लाइन चढ़ाया गया, उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे ठंड लगने लगी। घबराए परिजन तुरंत दूसरे डॉक्टर के पास पहुंचे, जहां दी गई दवा और स्लाइन से उसकी स्थिति में सुधार हुआ।
नम्रता की माँ आभा देवी और पिता सुरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि जब वे दोबारा जांच के लिए गए तो डॉक्टरों ने उन्हें डांट-फटकार कर भगा दिया। इसके बाद जब उन्होंने चढ़ाए गए स्लाइन की जांच की तो पाया कि बोतल पर कोई रैपर ही नहीं लगा था। इस बात से नाराज परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।
इस मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉ. बच्चा सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में एक्सपायरी दवाइयों को तीन महीने पहले ही हटा दिया जाता है और बिना रैपर वाली दवाओं का उपयोग नहीं किया जाता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच की जाएगी।