लोदना में मनी लेनिन की जयंती, मजदूर एकता और संघर्ष पर जोर
डीजे न्यूज तिसरा(धनबाद ) : बुधवार को बिहार कोलियरी कामगार यूनियन के बैनर तले कामरेड लेनिन की 156वीं जयंती पूर्ण मर्यादा के साथ यमुना सहाय मेमोरियल सोसायटी स्मृति भवन, लोदना में मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत कामरेड लेनिन के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। बिहार कोलियरी कामगार यूनियन के केंद्रीय उपाध्यक्ष सुरेश प्रसाद गुप्ता ने माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान “इंकलाब जिंदाबाद”, “मार्क्सवाद-लेनिनवाद जिंदाबाद”, “कामरेड लेनिन अमर रहें” और “दुनिया के मजदूरों एक हो” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में जब पूरे भारत में मजदूर वर्ग के बीच विद्रोह की भावना बढ़ रही है, ऐसे दौर में कामरेड लेनिन के विचार अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि मजदूर भी इंसान हैं और जब वे एकजुट होकर अपनी मांगों के लिए खड़े होते हैं, तो वे गुलामी से मुक्त होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते हैं। हड़तालों को उन्होंने मजदूर वर्ग के लिए “संघर्ष का विद्यालय” बताते हुए उसकी नैतिक शक्ति पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कामरेड लेनिन के जीवन पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि उनका जन्म 22 अप्रैल 1870 को रूस के सिम्बिस्क शहर में एक शिक्षित मध्यवर्गीय परिवार में हुआ था। उनका वास्तविक नाम इलिच उल्यानोव था। 1887 में उनके बड़े भाई को जार सम्राट की हत्या के प्रयास के आरोप में फांसी दिए जाने के बाद वे क्रांतिकारी विचारधारा की ओर अग्रसर हुए। उन्होंने कानून की शिक्षा प्राप्त की और राजनीति में सक्रिय होकर रूसी डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी के भीतर बोल्शेविक गुट का गठन किया।
वक्ताओं ने बताया कि लेनिन ने 1917 की रूसी क्रांति का नेतृत्व किया और सत्ता में आने के बाद रूस को समाजवादी राज्य के रूप में स्थापित किया। उन्होंने बैंक और उद्योगों का राष्ट्रीयकरण किया तथा 1922 में सोवियत संघ की स्थापना की। 21 जनवरी 1924 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनके विचार आज भी दुनिया भर के मजदूर वर्ग को प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में केंद्रीय उपाध्यक्ष सुरेश प्रसाद गुप्ता, कुंदन पासवान, नागरिक एकता मंच के संयोजक नागेश्वर पासवान, मधुसूदन बैनर्जी, राजू पासवान, रंजीत यादव, भोला पासवान, सुरेश भुईयां, विमला देवी, सुमित्रा देवी, गीता देवी, रिया कुमारी, पांव देवी, मीना देवी, रेखा देवी, सरस्वती देवी, दारा बाउरी, दिवाकर जैन, चिंकू चटर्जी, लक्ष्मी देवी, कविता देवी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।