

























































जन्म-मृत्यु निबंधन में सौ प्रतिशत पारदर्शिता सुनिश्चित करें : उपायुक्त रामनिवास यादव

डीजे न्यूज, गिरिडीह : समाहरणालय सभागार में मंगलवार को उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जन्म-मृत्यु निबंधन संबंधी बैठक-cum-प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। बैठक में जन्म एवं मृत्यु अधिनियम-1969, संशोधित अधिनियम-2023 तथा ऑनलाइन निबंधन प्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि जिले में होने वाली सभी जन्म-मृत्यु घटनाओं का ससमय निबंधन अनिवार्य है। घटना की तिथि से 21 दिनों के भीतर निबंधन निःशुल्क किया जाता है, जबकि विलंब होने पर नियमानुसार शुल्क लिया जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि निबंधन से प्राप्त आंकड़े राष्ट्रीय स्तर पर नीति-निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।
उपायुक्त ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्र में प्रत्येक घटना का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करें। पंचायत सचिवों को नियमित रूप से पंचायत सचिवालय में उपस्थित रहकर निबंधन कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में निजी अस्पतालों को सीआरएस पोर्टल से जोड़ने, फर्जी प्रमाण-पत्र रोकने और प्रत्येक माह निबंधन समीक्षा करने पर विशेष जोर दिया गया। अस्पतालों में जन्म होने पर डिस्चार्ज से पहले प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने की भी अनिवार्यता दोहराई गई।
जनगणना निदेशालय, रांची के मास्टर प्रशिक्षकों ने अधिनियम 1969 एवं संशोधित अधिनियम 2023 के प्रावधानों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया और प्रतिभागियों के सवालों का समाधान किया।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, दोनों अनुमंडल पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जनसंपर्क पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल रहे।



