विस्थापन में भेदभाव बर्दाश्त नहीं

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विस्थापन में भेदभाव बर्दाश्त नहीं
डीजे न्यूज, तिसरा(धनबाद): तिसरा थाना क्षेत्र के गोल्डन पहाड़ी के रहने वाले लोगों के साथ प्रबंधन की ओर से विस्थापन में भेदभाव किया जा रहा है। यह आरोप गोल्डन पहाड़ी दुर्गा मंदिर के समीप रहने वाले लोगों ने सोमवार को पत्रकार वार्ता के दौरान लगाई। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आलोक राज ने बताया कि 5 से 6 महीना पहले लगभग 1200 लोगों को यहां से कर्माटांड़ विस्थापित किया गया, लेकिन उस समय केवल आधार कार्ड विस्थापन का पैमाना बताया गया। वर्तमान में ओटीपी आधार कार्ड की मांग की जा रही है जो गलत है।  जब पूर्व में लोगों का विस्थापन किया गया तो यह नीति कहां थी। परियोजना पदाधिकारी संजीव कश्यप से जब घर मांगने गए तो हमारे साथ जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल किया।प्रबंधन की ओर से पुलिस बुलाकर जबरन लोगों का घर तोड़ा जा रहा है। परियोजना पदाधिकारी संजीव कश्यप के खिलाफ मामला दर्ज करेंगे।  रात में जान जोखिम में डालकर लोग रह रहे हैं। इसके पूर्व यहां पर दो घटना हो चुकी है। पत्थर गिरने से दो लोगों की मौत हो गई है। आखिर एक व्यक्ति को 6 से आठ क्वार्टर कैसे मिला यह जांच का विषय है। हम लोग इसके खिलाफ सड़क से लेकर न्यायालय तक जाएंगे। मौके पर कृष्ण चौहान, पिंटू निषाद, उषा देवी, मुन्ना ठाकुर, आकली देवी, रीना देवी आदि थे।
इस संबंध में नॉर्थ साउथ तिसरा के परियोजना पदाधिकारी संजीव कश्यप ने बताया कि जाति सूचक शब्द का आरोप गलत है। एक तथाकथित यूनियन के इशारे पर यह सब किया जा रहा है। क्योंकि यूनियन के लोग फर्जीवाड़ा करना चाहते हैं जो नहीं होने देंगे। नियम यह है कि जिन लोगों का आधार कार्ड, वोटर कार्ड, बैंक पासबुक स्थानीय है उनको क्वार्टर देने में परेशानी नहीं है, लेकिन जिनके पास तीनों डॉक्यूमेंट नहीं है उनसे जब आधार कार्ड लिया जा रहा है तो ओटीपी मांगा जा रहा है ताकि सही आदमी की पहचान हो। बहुत से लोग घर लेने के चक्कर में साइबर कैफे से आधार कार्ड का पता बदली कर रहे हैं। हम लोग जल्द ही इस मामले में कमेटी का गठन करेंगे
इधर विस्थापन का मामला तूल पकड़ रहा है।

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