विरोधियों को चित कर संजीव सिंह ने राजनीति में की शानदार री लांचिंग ढुलू-राज सभी के गढ़ को किया ध्वस्त, बाघमारा से सिंदरी तक बजा डंका मेयर चुनाव लड़ने पर शो-कॉज करने वाली भाजपा के पास गले लगाने की विवशता

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विरोधियों को चित कर संजीव सिंह ने राजनीति में की शानदार री लांचिंग

ढुलू-राज सभी के गढ़ को किया ध्वस्त, बाघमारा से सिंदरी तक बजा डंका

मेयर चुनाव लड़ने पर शो-कॉज करने वाली भाजपा के पास गले लगाने की विवशता

दिलीप सिन्हा, धनबाद : झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह ने धनबाद नगर निगम के मेयर चुनाव में भाजपा, झामुमो, कांग्रेस, जेएलकेएम समेत तमाम राजनीतिक पार्टियों के
समर्थित प्रत्याशियों को चारों खाने चित कर कोयलांचल की राजनीति में शानदार री लांचिंग की है। यहां हम आपको बता दें कि अपने चचेरे भाई व धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या के आरोप में संजीव सिंह करीब आठ साल तक जेल में बंद थे। जिस  समय नीरज सिंह की हत्या हुई थी, संजीव सिंह झरिया के विधायक थे। अदालत ने जैसे ही उन्हें इस आरोप से बाइज्जत बरी कर दिया, उन्होंने राजनीति में री लांचिंग की तैयारी कर ली। जेल से निकलने के बाद सिंह मेंशन में जिस तरह उनका स्वागत हुआ, उसी दिन यह साफ हो गया था कि संजीव सिंह राजनीति में धमाकेदार री लांचिंग करेंगे। संजीव सिंह अभी जेल से निकले ही थे कि झारखंड में नगर निकाय चुनाव की घोषणा हो गई। संजीव सिंह ने अपने री लांचिंग के लिए इसे सुनहरा अवसर माना। उन्होंने मेयर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। संजीव सिंह एवं उनकी पत्नी झरिया की विधायक रागिनी सिंह के लिए यह निर्णय काफी जोखिमभरा था। कारण, भाजपा ने प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजीव अग्रवाल को मेयर के लिए अपना समर्थित प्रत्याशी घोषित कर दिया था। साफ था, पार्टी संजीव सिंह पर एक्शन लेगी। देर सबेर विधायक रागिनी सिंह को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। ऐसा ही हुआ, संजीव सिंह को शो-कॉज किया गया। संजीव इसके बावजूद अपने फैसले से डिगे नहीं। योजनाबद्ध तरीके से चुनाव लड़ा और आप कह सकते हैं कि ऐतिहासिक जीत दर्ज की। जहां वह रिकार्ड वोटों से जीतें वहीं भाजपा समर्थित प्रत्याशी संजीव अग्रवाल को चौथे नंबर पर धकेल दिया। चाहे धनबाद के भाजपा सांसद ढुलू महतो का गढ़ बाघमारा हो या फिर धनबाद के विधायक राज सिन्हा का गढ़ धनबाद सभी जगहों पर संजीव सिंह को जबरदस्त जनसमर्थन मिला। शहरी क्षेत्र जो भाजपा का गढ़ माना जाता था, वहां संजीव सिंह ने भाजपा को ऐसी चोट दी है कि भाजपा को उससे उबरने में अब काफी समय लग जाएगा। राजनीति के जानकार बताते हैं कि भाजपा के समक्ष भी अब संजीव सिंह को गले लगाने की विवशता है। संजीव सिंह के अलावा भाजपा के बागी प्रत्याशी जो चिरकुंडा नगर पंचायत के अध्यक्ष चुने गए हैं, उनके भी स्वागत की तैयारी भाजपा के अंदर चल रही है।

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