

विधायक राज ने सदन में उठाया बिजली उपभोक्ताओं से अधिक दर पर बिजली शुल्क लेने का मामला
डीजे न्यूज, धनबाद:
धनबाद विधायक राज सिन्हा ने गुरुवार को विधानसभा में अल्पसूचित प्रश्न के तहत दूसरे राज्यों की तुलना में झारखंड में बिजली उपभोक्ताओं से अधिक दर पर बिजली शुल्क लेने का मामला उठाया।
विधायक ने सदन में सवाल किया कि झारखंड में बिजली उपयोग के लिए छः रुपये पच्चासी पैसे (6.85 ) पैसे प्रति यूनिट की दर से विद्युत शुल्क उपभोक्ताओं ( शहरी/ ग्रामीण ) से लिया जाता है।
जबकि पड़ोसी राज्य बिहार में पाँच रुपये बावन पैसे (5.52) पैसे प्रति यूनिट, छत्तीसगढ़ में चार रूपये पच्चास पैसे (4.50) प्रति यूनिट, मध्य प्रदेश में पाँच रुपये छप्पन पैसे ( 5.56पैसे) प्रति यूनिट, हरियाणा मे सिर्फ पाँच रुपये (5 रुपये) प्रति यूनिट, तथा उत्तराखंड की तुलना में झारखंड के उपभोक्ताओं से अधिक दर पर बिजली शुल्क क्यों ली जा रही? उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 5 वर्षों में प्रत्येक वर्ष झारखंड में बिजली दरों में वृद्धि क्यों की जा रही है? जबकि विद्युत मांग व जरूरत के अनुपात में झारखंड के उपभोक्ताओं को बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं कराई जा रही है।
साथ ही अल्प सूचित प्रश्न के तहत ही विधायक राज सिन्हा ने महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग से झारखंड में केंद्र प्रायोजित मिशन वात्सल्य बाल संरक्षण योजना में कार्यरत संविदा आधारित कर्मचारियों तथा पदाधिकारी के मानदेय विगत 5 माह से नहीं दिए जाने का मामला उठाया। उन्होंने मिशन वात्सल्य बाल संरक्षण योजना अंतर्गत झारखंड में कार्यरत संविदा कर्मियों को शासी निकाय की बैठक 5.1.2024 को लिये ग ए निर्णय में वर्णित वृद्धि के अनुसार बकाया सहित मानदेय अविलंब उपलब्ध कराने का मामला जोरदार ढंग से उठाया।
शून्यकाल के दौरान विधायक ने धनबाद के विनोद बिहारी चौक से मटकुरिया तक फ्लाईओवर निर्माण में गुलजारबाग मोहल्ले के लगभग 250 परिवारों को बिना नोटिस एवं पुर्णवासित किये ही पिछले 40- 50 वर्षों से रह रहे लोगों को उनके पुराने एवं कच्चे मकान से हटाने का मामला सदन में उठाया। उन्होंने उक्त निर्माण कार्य से विस्थापित सभी परिवारों को अविलंब मकान उपलब्ध कराते हुए उन्हें पुर्नवासित किए जाने की मांग की।
