विधायक राज ने प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के ग्रेड पे का उठाया मुद्दा

Advertisements

विधायक राज ने प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के ग्रेड पे का उठाया मुद्दा
डीजे न्यूज, धनबाद:
विधानसभा सत्र में अल्पसूचित प्रश्न के तहत धनबाद विधायक राज सिन्हा ने झारखंड में प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के ग्रेड पे पहले से घटकर कम किए जाने ,आचार्य (शिक्षक) नए ग्रेड पे.जो समान कार्य के लिए समान वेतन के उल्लंघन से संबंधित एवं जैप (झारखंड एजेंसी फॉर प्रमोशन ऑफ़ टेक्नोलॉजी) जैप आई टी एवं राज्य डाटा सेंटर से संबंधित सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई गवर्नेंस विभाग से संबंधित सवाल किया।
विधायक ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग से पूछा कि क्या यह बात सही है कि झारखंड में प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक का नामकरण आचार्य कर दिया गया है? पुराने ग्रेड पे 4200 रुपये, 4600 और 4800 रुपये को विलोपित कर नया ग्रेड पे रुपए 2400 , रुपए 2800 और रुपए 4200 किया गया है?
विधायक ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के मंत्री से सवाल किया कि क्या यह बात सही है कि झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा 2012 एवं 2016 के सर्टिफिकेट पर पूर्व में सिर्फ काउंसलिंग कराकर नौकरी पे शिक्षक खंड 01 में वर्णित पुराने ग्रेड पे प्राप्त करेंगे? परंतु उसी *शिक्षक पात्रता परीक्षा* द्वारा प्राप्त *प्रमाण पत्र* से एक से अधिक परीक्षा देकर नौकरी पाने वाले नाम परिवर्तित *आचार्य* (शिक्षक) नए ग्रेड पे प्राप्त करेंगे. जो समान कार्य के लिए समान वेतन का उल्लंघन है यदि दोनों करो के उत्तर स्वीकारात्मक है तो क्या सरकार शिक्षक को सिर्फ नामकरण परिवर्तित कर *आचार्य* करने के आधार पर ना करके पुराने ग्रेड पे को यथावत रखने का विचार रखती है ? ऐसा कब तक करने की सरकार की मंशा है?
विधायक राज ने सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई गवर्नेंस विभाग से संबंधित प्रश्न किया कि ,जैप ( झारखंड एजेंसी फॉर प्रमोशन आफ टेक्नोलॉजी) के डाटा सेंटर का उपयोग राज्य में वर्ष 2005 -2006 से किया जा रहा है तथा स्टेट डाटा सेंटर को समुचित आधारभूत सुविधाओं उपकरणों के साथ वर्ष 2014-2019 की अवधि में समुन्नत किया जा चुका है? विधायक ने सवाल क्या कि यदि ऐसा है तो क्या सरकार जब डाटा सेंटर को स्टेट डाटा सेंटर के साथ सामाजिक करने का विचार रखती है और रखती है तो कब तक?

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top