ट्रैफिक पुलिस को उपलब्ध कराई जाएगी अतिरिक्त स्पीड गन रोशनी के अभाव में दुर्घटना होगी तो एनएच को भी बनाया जाएगा पार्टी 369 स्थान पर लगेंगे ए.एन.पी.आर. कैमरे घायलों की जान बचाने वालों को राह-वीर योजना के तहत किया जाएगा प्रोत्साहित

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ट्रैफिक पुलिस को उपलब्ध कराई जाएगी अतिरिक्त स्पीड गन

रोशनी के अभाव में दुर्घटना होगी तो एनएच को भी बनाया जाएगा पार्टी

369 स्थान पर लगेंगे ए.एन.पी.आर. कैमरे

घायलों की जान बचाने वालों को राह-वीर योजना के तहत किया जाएगा प्रोत्साहित

डीजे न्यूज, धनबाद: जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक डीसी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित की गई।

बैठक के दौरान ओवर स्पीड के कारण बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उपायुक्त ने ट्रैफिक पुलिस को अतिरिक्त स्पीड गन देने, जिले में स्थलों को चिन्हित कर स्पीड लिमिट कम रखने तथा उसका उल्लंघन करने पर फाइन करने संबंधित साइन बोर्ड लगाने, इंटरसेप्टर वाहन से वाहनों की स्पीड जांच करने एवं बड़े पैमाने पर स्पीड डिटेक्टिंग कैमरे लगाने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने 8 लेन सड़क पर स्ट्रीट लाइट को दुरुस्त करने और आवश्यकता पड़ने पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रस्ताव देने का भी निर्देश दिया। साथ ही सड़क सुरक्षा समिति एवं ट्रैफिक पुलिस को निरंतर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध अभियान चलाने, स्कूल बस एवं स्कूल वैन में बच्चों की सुरक्षा का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने, विभिन्न विभागों की अनुपयोगी सामग्री सड़क से हटाने, सभी अवैध कट बंद करने, जहां फ्लाईओवर का निर्माण हो रहा है वहां अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाने, सड़क पर रखे बिल्डिंग मटेरियल जब्त करने, वैसे लोग जो डिवाइडर से छेड़छाड़ कर लोगों की सुरक्षा खतरे में डालते हैं उनके विरुद्ध कार्रवाई करने, प्रेशर होर्न एवं मॉडिफाई साइलेंसर लगाने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने, नो हेलमेट नो पेट्रोल अभियान का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने कहा कि सभी अंचल अधिकारी अपने क्षेत्र के पेट्रोल पंपों की जांच करेंगे। जहां नो हेलमेट नो पेट्रोल का पालन नहीं किया जा रहा है उनके लाइसेंस को रद्द करने की अनुशंसा करेंगे।

बैठक में नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने कहा कि जिले में 369 स्थान पर बुलेट, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रेकग्निशन (एएनपीआर) एवं पीटीजेड कैमरा लगाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। वहीं कैमरे के पास स्पीकर भी होंगे और टू वे कम्युनिकेशन के लिए एसओएस सिस्टम रहेगी। जहां जरूरत होगी वहां ट्रैफिक लाइट भी लगाई जाएगी। बैठक के दौरान उन्होंने राह-वीर योजना पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि राह-वीर योजना सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने वाले नेक लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक पहल है। जिसके तहत मदद करने वाले व्यक्ति को ₹25,000 का नकद पुरस्कार, प्रशंसा पत्र और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलता है, ताकि लोग “गोल्डन आवर” (दुर्घटना के तुरंत बाद का महत्वपूर्ण समय) में घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए आगे आएं और पुलिस के डर से पीछे न हटें।

बैठक के दौरान ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी ने कहा कि कई सड़क दुर्घटनाओं में यह उजागर हुआ है कि लाइट की कमी के कारण दुर्घटना हुई है। उन्होंने कहा अगली बार लाइट नहीं जलने के कारण सड़क दुर्घटना होगी प्राथमिकी में एनएच को भी पार्टी बनाया जाएगा। यह निर्देश सभी थाना प्रभारी को दिया जाएगा। उन्होंने वैद्य कट पर रोशनी की व्यवस्था करने तथा राष्ट्रीय राजमार्ग पर एएनपीआर एवं स्पीड कैमरा लगाने का भी सुझाव दिया।

बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी दिवाकर सी द्विवेदी ने बताया कि गत वर्ष जनवरी से दिसंबर तक 391 सड़क दुर्घटना हुई है। जो 237 लोगों के लिए घातक साबित हुई और 129 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसमें ओवर स्पीड के कारण 162, अंधेरे के कारण 97, रॉन्ग साइड पर चलने से 29, ओवरटेकिंग से 21, वाहन चलाते समय मोबाइल प्रयोग करने से 21, 14 नाबालिक, ड्रिंक एंड ड्राइव में 15 व 32 दुर्घटनाएं अन्य कारणों से हुई है।

उन्होंने बताया कि गत वर्ष राष्ट्रीय राजमार्ग पर 104 सड़क दुर्घटना हुई। जिसमें 84 लोगों की मृत्यु हुई तथा 13 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इसमें सबसे अधिक, 36 दुर्घटना निरसा चौक से गोविंदपुर (धनबाद मोड) तक में हुई है। जिसमें 30 लोगों की मृत्यु एवं चार गंभीर रूप से घायल हुए। वहीं राजगंज से तोपचांची के बीच 29 दुर्घटना में 25 लोगों की मृत्यु व चार घायल हुए। इसके अलावा गोविंदपुर से किसान चौक एवं किसान चौक से राजगंज के बीच 23 सड़क दुर्घटना हुई। जिसमें 19 लोगों की मृत्यु एवं दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

गत वर्ष अक्टूबर, नवंबर एवं दिसंबर में परिवहन कार्यालय एवं यातायात पुलिस द्वारा ट्रैफिक नियम का उल्लंघन करने के लिए वाहनों पर लगातार कार्रवाई की गई। इसमें परिवहन कार्यालय ने 529 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई कर एक करोड़ 12 लाख 25 हजार 425 रुपए का चालान किया। जबकि ट्रैफिक पुलिस ने 7272 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई कर एक करोड़ 30 लाख 13 हजार 250 रुपए का चालान किया। वहीं परिवहन कार्यालय ने 25 स्कूलों में 241 स्कूल बसों की जांच कर 17 लाख 41 हजार 700 रुपए का चालान किया।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने आरसीडी, बीएसएनएल, धनबाद नगर निगम, जबीवीएनएल, बीसीसीएल, गेल गैस अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड, पीएचईडी को उनके कारण सड़कों पर उत्पन्न बाधाओं को शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया। साथ-साथ लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए वार्षिक कैलेंडर बनाकर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करने का निर्देश दिया।

बैठक संपन्न होने से पूर्व राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत उपायुक्त ने सभी को सड़क पर वाहन चलाने से पहले सुरक्षा से संबंधित सभी बातों का ध्यान रखने, अपनी एवं सड़क पर चलने वाले सभी लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखने, सड़क दुर्घटना पीड़ित व्यक्ति की मदद करने में अग्रसर रहने की शपथ दिलाई।

बैठक में उपायुक्त आदित्य रंजन, नगर आयुक्त आशीष गंगवार, ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर हेमा प्रसाद, अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश बारंगे, जिला परिवहन पदाधिकारी दिवाकर सी द्विवेदी, ट्रैफिक डीएसपी अरविंद कुमार सिंह के अलावा एनएचएआई दर्गापुर, एनएचएआई धनबाद व अन्य विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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