तीसरे शनिवार को स्कूल खोलने के आदेश पर शिक्षक संगठनों का विरोध, क्षतिपूरक अवकाश की मांग
डीजे न्यूज, गिरिडीह : शिक्षक संगठन समन्वय समिति ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के नाम पर तृतीय शनिवार (20 जून) को विद्यालय खोलने के झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची के निर्णय का विरोध किया है। समिति ने इसे अव्यावहारिक बताते हुए शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए क्षतिपूरक अवकाश देने की मांग की है।
समिति का कहना है कि विभागीय आदेश के अनुसार प्रत्येक माह का तीसरा शनिवार अवकाश रहता है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाता है। इसके बावजूद 20 जून को विद्यालय खोलकर सभी शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि तीसरे शनिवार को शिक्षकों एवं कर्मचारियों को अपनी सेवा संबंधी समस्याएं जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) और जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) के समक्ष रखने का अवसर मिलता है, लेकिन विभाग प्रायः किसी न किसी कार्यक्रम के बहाने इसी दिन विद्यालय खोलने का आदेश जारी कर देता है। इससे शिक्षक अपनी समस्याएं अधिकारियों तक नहीं पहुंचा पाते।
समिति ने यह भी कहा कि कई शिक्षक एवं कर्मचारी अपने गृह जिले से दूर कार्यरत हैं और तीसरे शनिवार तथा रविवार के अवकाश का उपयोग पारिवारिक दायित्वों के निर्वहन के लिए करते हैं। ऐसे में शुक्रवार शाम करीब पांच बजे विद्यालय खोलने का आदेश जारी करना अमानवीय और अव्यवहारिक है।
शिक्षक संगठन समन्वय समिति ने झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक से मांग की है कि यदि अवकाश के दिन विद्यालय खोलने का आदेश दिया जाता है तो उसी आदेश के साथ क्षतिपूरक अवकाश की भी घोषणा की जाए। साथ ही भविष्य में तृतीय शनिवार के घोषित अवकाश पर इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएं।
मांग करने वालों में शिक्षक संगठन समन्वय समिति के सदस्य एवं झारखंड प्लस टू शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद, झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला संयोजक मुन्ना प्रसाद कुशवाहा, झारखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला सचिव रविकांत चौधरी, झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के केदार प्रसाद यादव, आनंद शंकर, झारखंड राज्य मुफस्सिल लिपिक मोर्चा के प्रदेश महासचिव विकास कुमार सिन्हा तथा अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के युगल किशोर पंडित सहित कई शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल थे।