


















































तीन माह से मानदेय नहीं मिलने पर बिरनी सीएचसी के आउटसोर्सिंग कर्मियों का अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार

डीजे न्यूज, बिरनी,गिरिडीह :
बिरनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी के 68 स्वास्थ्य कर्मियों ने तीन माह से मानदेय नहीं मिलने के विरोध में शनिवार से अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार शुरू कर दिया है। बालाजी डिटेक्टिव फोर्स लिमिटेड एवं शिवाजी डिटेक्टिव फोर्स लिमिटेड कंपनी के अधीन कार्यरत ये कर्मी सीएचसी के मुख्य द्वार पर धरना देकर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
कार्यबहिष्कार के चलते अस्पताल का अधिकांश कार्य प्रभावित हो गया है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार लगने लगा है। धरना पर बैठे स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि कंपनी द्वारा लगातार तीन माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है और परिवार के भरण-पोषण में भारी कठिनाई हो रही है।
कर्मियों ने बताया कि जब तक कंपनी उनकी छह सूत्री मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार जारी रहेगा। मांगों में तीन माह का बकाया मानदेय भुगतान, ईपीएफ व ईएसआई की सुविधा, पूर्व में की गई कटौती की राशि की जानकारी, सरकार द्वारा निर्धारित वेतन एवं बोनस का समय पर भुगतान, सभी कर्मियों को नियुक्ति पत्र देने तथा तकनीकी डिग्रीधारी कर्मियों को कुशल कामगार की श्रेणी में रखने की मांग शामिल है। साथ ही प्रत्येक माह की 1 तारीख को मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
स्वास्थ्य कर्मियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अस्पताल प्रबंधन द्वारा बाहर से सफाई कर्मी लाकर कार्य कराने का प्रयास किया गया, तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरना में प्रतिमा कुमारी, संगिता दास, नैनकाजल, तमना खातून, संगिता कुमारी, बसंती कुमारी, नाजला खातून, पंकज शर्मा, नवीन कुमार शर्मा, हरि दास, भुनेश्वर दास, पप्पू रजक, सचिन कुमार, जियाउल अंसारी, अरविंद कुमार रजक, अनिल कुमार सहित अन्य कर्मी शामिल हैं।
इधर सूचना मिलने पर सिमराढाब पंचायत के मुखिया दिलीप दास धरना स्थल पर पहुंचे और स्वास्थ्य कर्मियों से बातचीत कर उनकी मांगों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की मांग पूरी तरह जायज है और कंपनी को अविलंब उनका बकाया भुगतान करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित आउटसोर्सिंग कंपनी की होगी। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों के आंदोलन में साथ खड़े रहने का भरोसा



