सुचारू जलापूर्ति व्यवस्था व जलसंकट से निपटने को टास्क फोर्स गठित कॉल सेंटर स्थापित करने का लिया गया निर्णय

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सुचारू जलापूर्ति व्यवस्था व जलसंकट से निपटने को टास्क फोर्स गठित

कॉल सेंटर स्थापित करने का लिया गया निर्णय

डीजे न्यूज, धनबाद: आगामी ग्रीष्म ऋतु के दौरान पेयजल आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था एवं संभावित जल संकट से निपटने की तैयारियों की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने की।
बैठक में अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता, धनबाद नगर निगम, सभी सहायक नगर आयुक्त, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DWSD) के कार्यपालक अभियंता, धनबाद, जुडको लिमिटेड, L&T, श्रीराम EPC विभिन्न संचालन एवं अनुरक्षण (O&M) एजेंसियों के प्रतिनिधि तथा नगर निगम एवं जलापूर्ति शाखा के संबंधित अभियंता उपस्थित थे। बैठक में नगर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति से संबंधित विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति, संचालन व्यवस्था, संभावित चुनौतियों तथा आगामी ग्रीष्मकाल में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तैयारियों पर विस्तृत एवं व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के दौरान नगर आयुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि संभावित जल संकट अथवा जलापूर्ति से संबंधित आकस्मिक परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नगर निगम द्वारा एक समर्पित टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस टास्क फोर्स में वार्डवार नगर प्रबंधक  एवं अभियंताओं की टीम गठित की जाएगी, जो आने वाले सप्ताहों में सक्रिय रूप से कार्य करना प्रारंभ करेगी तथा जलापूर्ति से संबंधित शिकायतों एवं समस्याओं के त्वरित निवारण को सुनिश्चित करेगी।

साथ ही नगर निगम स्तर पर एक समर्पित कॉल सेंटर स्थापित किए जाने का भी निर्णय लिया गया, जिसके माध्यम से नागरिकों द्वारा प्राप्त वास्तविक एवं प्राथमिकता वाली शिकायतों का त्वरित संज्ञान लेकर उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि नगर निगम क्षेत्र में संचालित सभी पानी टैंकरों का सर्वेक्षण किया जाए तथा उनमें पाई जाने वाली तकनीकी त्रुटियों अथवा अनुरक्षण संबंधी कमियों को शीघ्रता से दूर करते हुए उन्हें पूर्ण रूप से कार्यशील बनाया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

बैठक के दौरान पेयजल एवं स्वच्छता विभाग  के कार्यपालक अभियंता गण द्वारा अवगत कराया गया कि कई स्थानों पर मुख्य पाइपलाइन में अवैध जल कनेक्शन, पाइपलाइन टैपिंग तथा मोटर के अवैध उपयोग के कारण जल दाब (Pressure) में कमी की समस्या उत्पन्न हो रही है। इस पर नगर आयुक्त द्वारा कड़ा संज्ञान लेते हुए निर्देश दिया गया कि अवैध जल दोहन, पाइपलाइन से छेड़छाड़ एवं मोटर के अवैध उपयोग के विरुद्ध Enforcement Team का गठन किया जाए तथा ऐसे मामलों में झारखंड नगर पालिका अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में नगर क्षेत्र में Elevated Service Reservoirs  के निर्माण से संबंधित लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि संबंधित विभागों से लंबित अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए तथा विभागों के मध्य समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को शीघ्र दूर किया जाए।

इसके अतिरिक्त नगर निगम के जलापूर्ति अनुभाग के अभियंताओं द्वारा नगर क्षेत्र के सभी हैंडपंपों का व्यापक सर्वेक्षण एवं जियो-टैगिंग किए जाने का भी निर्देश दिया गया, ताकि उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन कर आवश्यक मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य समय पर सुनिश्चित किया जा सके।

नगर आयुक्त द्वारा यह भी निर्देशित किया गया कि धनबाद नगर क्षेत्र में संभावित जल संकट प्रभावित क्षेत्रों की पहचान की जाए। इस संबंध में संबंधित सहायक नगर आयुक्तों एवं नगर प्रबंधकों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर सर्वेक्षण कर एक सप्ताह के भीतर ऐसे क्षेत्रों की सूची तैयार करें। आवश्यकता पड़ने पर इन क्षेत्रों में राहत उपाय के रूप में जल टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में नगर क्षेत्र में संचालित विभिन्न जलापूर्ति परियोजनाओं की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कार्यान्वयन एजेंसियों को निर्देश दिया गया कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने हेतु कार्यों में तेजी लाएं। विशेष रूप से कतरास, सिंदरी तथा कोयला प्रभावित क्षेत्रों में यदि परियोजना सर्वेक्षण क्षेत्र के अंतर्गत वैध घरेलू जल संयोजन प्रदान किए जाने की संभावना हो, तो इच्छुक नागरिकों को नगर निगम के अधिकारियों द्वारा मौके पर ही आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को वैध जल संयोजन उपलब्ध कराया जा सके।

बैठक के दौरान यह भी आश्वस्त किया गया कि जलापूर्ति परियोजनाओं से संबंधित किसी भी प्रकार की लंबित अनापत्ति प्रमाण-पत्र अथवा अन्य प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने हेतु जिला प्रशासन के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित किया जाएगा तथा अंतर-विभागीय सहयोग के माध्यम से सभी प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा।

नगर आयुक्त द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं एजेंसियों को निर्देशित किया गया कि आगामी ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूर्ण की जाएं, ताकि नगर क्षेत्र के नागरिकों को निर्बाध एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

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