



सतत खनन के लिए इलेक्ट्रिकल सेफ्टी पर पांच दिनी प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ

डीजे न्यूज, धनबाद: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग द्वारा सोमवार को विभाग के कॉन्फ्रेंस हॉल में पाँच दिवसीय एक्जीक्यूटिव डेवलपमेंट प्रोग्राम (ईडीपी) “सस्टेनेबल माइंस के लिए इलेक्ट्रिकल सेफ्टी और स्मार्ट मेंटेनेंस” का उद्घाटन किया गया।
इस ईडीपी में कोल इंडिया की विभिन्न अनुषंगी कंपनियों सहित अन्य औद्योगिक संस्थानों से कुल 26 प्रतिभागी पंजीकृत हैं, जिनमें से 21 प्रतिभागियों ने उद्घाटन सत्र में भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य खनन क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों और इंजीनियरों को विद्युत सुरक्षा, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस तथा आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक करना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन स्वामी वेदांतिनंद ने किया। वह रामकृष्ण संघ के संन्यासी हैं। उन्होंने वर्ष 1999 में कर्नाटक के कूर्ग जिले के पोन्नमपेट स्थित जनजातीय केंद्र से रामकृष्ण संघ में प्रवेश किया। वे परम श्रद्धेय स्वामी रंगनाथानंदजी महाराज के दीक्षित शिष्य हैं तथा वर्ष 2008 में परम श्रद्धेय स्वामी आत्मस्थानंदजी महाराज द्वारा उन्हें संन्यास दीक्षा प्रदान की गई। वर्तमान में वे रामकृष्ण मिशन शिल्पमंदिरा, बेलूर मठ में स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज एवं स्किल डेवलपमेंट सेंटर के प्रभारी के रूप में वर्ष 2013 से सेवाएं दे रहे हैं।
उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता प्रो. सुकुमार मिश्रा, निदेशक, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र में सुरक्षा सर्वोपरि है और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी व स्मार्ट मेंटेनेंस जैसे विषय आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच मजबूत सेतु का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर प्रो. केका ओझा, डीन, कंटिन्यूइंग एजुकेशन प्रोग्राम; प्रो. सुकांता दास, विभागाध्यक्ष, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग; प्रो. निताई पाल, प्रोफेसर एवं कोर्स इंचार्ज; तथा प्रो. प्रदीप कुमार साधु, प्रोफेसर (HAG) एवं सह-कोर्स इंचार्ज सहित विभाग के अन्य शिक्षकगण उपस्थित थे।
यह ईडीपी भूमिगत एवं ओपनकास्ट खदानों में विद्युत सुरक्षा, दुर्घटनाओं की रोकथाम, स्मार्ट प्रिवेंटिव मेंटेनेंस, वैधानिक प्रावधानों तथा आईओटी और एआई आधारित आधुनिक तकनीकों के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों को कवर करेगा। कार्यक्रम 9 जनवरी 2026 तक चलेगा।
यह आयोजन आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और खनन क्षेत्र के लिए सुरक्षित एवं सतत विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।




