सरिया में वाजपेयी नहीं अंबेडकर की मूर्ति लगे : रविदास महासभा

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सरिया में वाजपेयी नहीं अंबेडकर की मूर्ति लगे : रविदास महासभा

डीजे न्यूज, सरिया(गिरिडीह) : केसवारी चौक पर अटल बिहारी वाजपेई की मूर्ति लगाने के प्रस्ताव से उपजे विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। रविदास महासभा ने इस ऐतिहासिक स्थल को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का सम्मान देने की पुरजोर मांग उठाई है। शनिवार को सरिया पेट्रोल पंप के समीप आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रविदास महासभा के नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि केसवारी चौक पर पिछले लगभग 43 वर्षों से डॉ. अंबेडकर की जयंती धूमधाम से मनाई जाती रही है। पूरा इलाका इसका जीवंत गवाह है। कुछ दिनों से अचानक यह बखेड़ा खड़ा किया गया कि यहां पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की मूर्ति लगाई जाएगी, जो पूरी तरह गलत और जनभावनाओं के विरुद्ध है। रविदास महासभा के नेताओं ने संयुक्त रूप से सरकार से अपील की कि इस स्थल पर बाबासाहेब अंबेडकर की भव्य मूर्ति स्थापित की जाए और चौक को आधिकारिक रूप से अंबेडकर चौक घोषित किया जाए। रविदास महासभा के नेताओं ने चेतावनी दी कि समुदाय की यह मांग अनदेखी की गई तो बड़ा आंदोलन खड़ा होगा।प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामचंद्र रविदास, मुरली रविदास, लड्डू रविदास, राजेंद्र रविदास, सुरेंद्र रविदास, भीम कुमार दास, तेजलाल रविदास, सोहन रविदास सहित रविदास समुदाय के दर्जनों लोग मौजूद रहे और एक स्वर में मांग का समर्थन किया।

यह विवाद पहले भी सुर्खियां बटोर चुका है, जब भाजपा समर्थकों और अन्य संगठनों के बीच मूर्ति स्थापना को लेकर टकराव हुआ था। रविदास महासभा का कहना है कि यह चौक सामाजिक न्याय के प्रतीक बाबासाहेब से जुड़ा है, न कि किसी राजनीतिक विवाद से।

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