सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल के क्षितिज और आयन बने जेईई टॉपर

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सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल के क्षितिज और आयन बने जेईई टॉपर

 

 विद्यालय के निदेशक जोरावर सिंह सलूजा ने कहा-विद्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण, इनकी सफलता से दूसरे छात्रों को मिलेगी प्रेरणा 

डीजे न्यूज, गिरिडीह : 16 फरवरी को घोषित जेईई मेन सेशन वन के परिणामों ने कई छात्रों के जीवन में खुशियाँ और उत्साह लाया है। अलग अलग क्षेत्रों में दिन प्रतिदिन उपलब्धियां हासिल कर रहे सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। सलूजा गोल्ड स्कूल के कक्षा बारहवीं के मेधावी छात्र क्षितिज सिन्हा ने सत्र -1 जेईई मेन 2026 की परीक्षा में 97.13 परसेंटाइल हासिल करके माता पिता और विद्यालय का नाम गौरवांतित किया है। वहीं विद्यालय के दूसरे छात्र मो. अयन आलम ने 93 परसेंटाइल के साथ टॉप किया है। क्षितिज के पिता शशि कुमार सिन्हा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “बेटे की इस सफलता से पूरे परिवार में खुशी की लहर है। हम बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं कि क्षितिज ने टॉपर बनकर विद्यालय तथा हम सब का नाम रोशन किया है। क्षितिज और आयन दोनों ने जेईई मेन परीक्षा पहले प्रयास में टॉप किया है। पूछे जाने पर क्षितिज ने बताया कि वह विद्यालय में शिक्षक के मार्गदर्शन के साथ-साथ घर पर प्रतिदिन 12 -14 घंटे प्रतिदिन अनुशसित पढाई की। क्षितिज के अनुसार कॉम्पिटिटिव परीक्षा और बोर्ड एग्जाम दोनों पर फोकस करना जरुरी होता है। अगर आप बोर्ड एग्जाम को छोड़ आईआईटी के पीछे लग जायेंगे तो आप बोर्ड एग्जाम में अपना बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकते। आपको दोनों परीक्षा में सही संतुलन बनाकर तैयारी करनी पड़ेगी तभी सफलता मिलेगी। एक सवाल पर शुभम ने कहा कि मुझे अब इसकी आदत हो गई है। मैं सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान देता हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता हूं। क्षितिज ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के त्याग, शिक्षकों के मार्गदर्शन सलूजा गोल्ड परिवार और अपने नियमित अध्ययन को दिया है।

 

विद्यालय के मैथ के शिक्षक जीतेन्द्र साहू ने बताया की क्षितिज और आयन शुरू से ही मेहनती और लगनशील रहे हैं। आईआईटी में इनका बेहतर प्रदर्शन इनके सच्ची लगन और खुद पर भरोसे का नतीजा हैं। वही फिजिक्स के शिक्षक मनोज मंडल ने भी दोनों के कड़ी मेहनत की सराहना कहरते हुए कहा, मुझे इन दोनों पर शुरू से ही भरोसा था कि साधारण से दिखने वाले दोनों छात्र एक दिन अवश्य अपनी असाधारण योग्यता का परिचय देंगे और इन्होने ये कर भी दिखाया है। क्षितिज ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जेईई में उनकी सफलता एक-दो साल की मेहनत का फल नहीं है. बल्कि वह पिछले कई साल से रूटीन बनाकर पढ़ाई कर रहे थे। क्षितिज ने बताया कि पांचवीं के बाद से ही उनके मन में हर चीज के बारे में सवाल आते थे, वह जिसका जवाब तलाशने की कोशिश करते थे। उन्होंने जेईई की तैयारी कक्षा 6 से ही शुरू कर दी थी। वहीं आयन आलम के अनुसार अपने रूटीन पर कायम रहने की आदत ने उन्हें ये मुकाम दिलाया है। यानी अगर आपको भी सफलता चाहिए तो बिना रुके लगातार अपना काम करते रहना है, जब तक मंजिल आपको नहीं मिल जाती है। दोनों छात्रों की सफलता पर पूरा विद्यालय परिवार खुश है और गौरवांतित महसूस कर रहा हैं। विद्यालय के प्रबंध निदेशक जोरावर सिंह सलूजा ने इसे गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने उनकी सफलता की तारीफ करते हुए कहा कि इनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।

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