सिमराढाब में दुर्गा शतचंडी महायज्ञ शुरू, 501 महिलाओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा

Advertisements

सिमराढाब में दुर्गा शतचंडी महायज्ञ शुरू, 501 महिलाओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा

डीजे न्यूज, बिरनी,गिरिडीह : प्रखंड मुख्यालय स्थित सिमराढाब में नवनिर्मित कुलदेवी दुर्गा मंडप में आयोजित तीन दिवसीय दुर्गा शतचंडी पाठ महायज्ञ सह दुर्गा प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर शनिवार को भव्य कलश यात्रा और शोभा यात्रा निकाली गई। ढोल-ढाक, गाजे-बाजे और झांकियों के साथ निकली इस कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

कलश यात्रा नवनिर्मित कुलदेवी दुर्गा मंडप स्थित यज्ञशाला से शुरू हुई। इसमें 501 कन्याओं और महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर नंगे पांव लगभग 8 किलोमीटर की यात्रा तय कर जितकुंडी नदी पहुंचकर जल भरा। यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

जितकुंडी नदी तट पर आचार्य महेश पांडेय, सुरेंद्र पांडेय, धीरज पांडेय और अजय पांडेय ने मंत्रोच्चार के साथ 501 कलशों में जल भरवाया। इसके बाद कलशधारी महिलाएं और कन्याएं जितकुंडी, बिराजपुर, पलौंजिया और सिमराढाब गांवों का भ्रमण करते हुए पुनः कुलदेवी यज्ञ मंडप पहुंचीं, जहां सभी ने अपने-अपने कलश को कतारबद्ध तरीके से स्थापित किया।

महायज्ञ के पहले दिन कलश यात्रा, मंडप प्रवेश पूजन और वैदिक विधि से वेदी निर्माण का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस आयोजन से प्रखंड मुख्यालय सहित आसपास के गांवों का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया और पूरा क्षेत्र “जय श्रीराम” व “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा।

इस अवसर पर आचार्य महेश पांडेय ने कहा कि किसी भी पूजा-पाठ या महायज्ञ की शुरुआत कलश यात्रा से होती है, क्योंकि जल को जीवन का आधार माना गया है। जल की पूजा से इंद्र देव प्रसन्न होते हैं और इससे प्रकृति में संतुलन बना रहता है।

यज्ञ समिति के अध्यक्ष प्रमुख रामु बैठा ने बताया कि महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन संध्या में कथा वाचक साध्वी ज्योति दीदी द्वारा धार्मिक कथा का वाचन किया जाएगा, जिसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण होगा।

इस मौके पर जजमान झबन साव व उनकी धर्मपत्नी नगिया देवी, राजू विश्वकर्मा, सुनीता देवी, विजय बैठा व उनकी धर्मपत्नी प्रमुख रामु बैठा, मुखिया दिलीप दास, समाजसेवी नागेश्वर विश्वकर्मा, राजेश विश्वकर्मा, गुरुदेव साव, बुधन बैठा, बिरेन्द्र साव, चंदन माथुर, पंकज यादव, देवशरण साहू, सीताराम तुरी, संजय तुरी, राजेन्द्र तुरी, बैजनाथ तुरी समेत हजारों श्रद्धालु उपस्थित थे।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top