श्रावणी मेला में नकली दवाओं, नशाखोरी और मिलावटी भोजन पर चलेगा बुलडोजर

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श्रावणी मेला में नकली दवाओं, नशाखोरी और मिलावटी भोजन पर चलेगा बुलडोजर
मंत्री इरफान अंसारी का एक्शन प्लान : श्रद्धालुओं के लिए 160 डॉक्टर, 41 एंबुलेंस और 300 दवाएं, मेला में नहीं होगी स्वास्थ्य सुविधा की कोई कमी!
श्रावणी मेला में पहली बार एआई और ड्रोन टेक्नोलॉजी का जलवा, श्रद्धालुओं की सेवा में नई क्रांति
“श्रद्धा के साथ सुरक्षा भी” – मेला क्षेत्र में तैनात रहेगी एनडीआरएफ, ड्रोन से होगा ब्लड डिलीवरी
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में मेला तैयारी की समीक्षा
डीजे न्यूज, देवघर :परिसदन में मंगलवार को मंत्री, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, परिवार कल्याण, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा आपदा प्रबंधन विभाग डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई।
बैठक में स्वास्थ्य सुविधा, खाद्य आपूर्ति, आपदा प्रबंधन, AI टेक्नोलॉजी के उपयोग, ड्रोन से ब्लड सप्लाई, नकली दवाओं की निगरानी तथा मिलावटी खाद्य पर नियंत्रण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने पीपीटी के माध्यम से सभी विभागीय तैयारियों की प्रस्तुति दी। डॉ. अंसारी ने बताया कि इस वर्ष श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 32 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र, 41 एंबुलेंस और 160 चिकित्सकों की तैनाती की गई है। 300 प्रकार की विशेष दवाओं की अग्रिम आपूर्ति कर ली गई है, जिससे किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटा जा सके।
मेला क्षेत्र में पहली बार AI आधारित निगरानी प्रणाली लगाई जा रही है, जो भीड़ नियंत्रण, चिकित्सा जरूरतों की पूर्व जानकारी, आपदा की पूर्व चेतावनी जैसे मामलों में कारगर साबित होगी। यदि किसी श्रद्धालु को तुरंत रक्त की आवश्यकता होगी, तो ड्रोन के माध्यम से ब्लड बैंक से रक्त की आपूर्ति की जाएगी – यह देश में किसी मेले में पहली बार हो रहा है।
डॉ. अंसारी ने स्पष्ट कहा कि नकली दवाओं पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा, इसके लिए औषधि निरीक्षण दल गठित किया गया है। किसी भी संदिग्ध दवा की तत्काल जांच कर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही, मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार की नशाखोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्पेशल टीम, ड्रग इंस्पेक्टर और जिला पुलिस संयुक्त रूप से गश्त करेंगी। डॉ. अंसारी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि मेला क्षेत्र में बिकने वाले खाद्य पदार्थों में किसी प्रकार का रंग, मिलावट या हानिकारक सामग्री नहीं होनी चाहिए। ऐसा पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सहित जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। श्रावणी मेला के दौरान किसी भी अप्रत्याशित घटना से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीम को मेला क्षेत्र में प्रतिनियुक्त किया जाएगा, जो हर स्थिति के लिए तैयार रहेगी। साथ ही, आपातकालीन चिकित्सा वाहन, संपर्क कंट्रोल रूम, तथा सर्विलांस टीम सक्रिय रहेंगी।
बैठक में देवघर विधायक सुरेश पासवान, सारठ विधायक उदय शंकर सिंह, जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर, निदेशक अभियान (NHM)शशि प्रकाश झा, एमडी कॉरपोरेशन अबु इमरान, पुलिस अधीक्षक अजीत पीटर डुंगडूंग, नगर आयुक्त रोहित सिन्हा, सिविल सर्जन डॉ. युगल किशोर चौधरी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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