शिक्षा के साथ-साथ खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी : रामनिवास यादव

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शिक्षा के साथ-साथ खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी : रामनिवास यादव

एफएलएन मिशन का उद्देश्य प्रारंभिक कक्षाओं के बच्चों में पढ़ने, लिखने एवं गणना की क्षमता को मजबूत करना : उपायुक्त

पचंबा स्थित सीएम ऑफ एक्सीलेंस विद्यालय में भव्य रूप से आयोजित एफएलएन मेला सह सांस्कृतिक, एकेडमिक, स्पोर्ट्स एवं वार्षिक दिवस कार्यक्रम का उद्घाटन

सुस्मिता गुड़िया, गिरिडीह : पचंबा स्थित सीएम ऑफ एक्सीलेंस विद्यालय में बुधवार को भव्य रूप से आयोजित एफएलएन (फाउंडेशन लिट्रेसी एंड नमरेसी मेला) सह सांस्कृतिक, एकेडमिक, स्पोर्ट्स एवं वार्षिक दिवस कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त रामनिवास यादव, उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय परिसर उत्सव के रंग में सराबोर दिखा, जहां विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गीत से हुई, जिसमें छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके पश्चात उपायुक्त ने एफएलएन मेले का अवलोकन किया, जहां बच्चों द्वारा लगाए गए विभिन्न शैक्षणिक स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने हुए थे।

इन स्टॉलों के माध्यम से विद्यार्थियों ने भाषा, गणित एवं बुनियादी साक्षरता से संबंधित अपने प्रोजेक्ट्स एवं नवाचारों को प्रस्तुत किया। उपायुक्त ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ती है और उनकी बौद्धिक क्षमता का विकास होता है।

इस मौके पर बच्चों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि एफएलएन मिशन का उद्देश्य प्रारंभिक कक्षाओं के बच्चों में पढ़ने, लिखने एवं गणना करने की क्षमता को मजबूत करना है, जो उनके भविष्य की नींव को सुदृढ़ बनाता है।

उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे बच्चों को रोचक एवं गतिविधि आधारित शिक्षा प्रदान करें, ताकि वे सीखने की प्रक्रिया का आनंद उठा सकें। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम के अंतर्गत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी सभी का मन मोह लिया। बच्चों ने लोक नृत्य, नाटक, गीत एवं देशभक्ति पर आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया।

इन प्रस्तुतियों में सामाजिक संदेश भी निहित था, जो उपस्थित लोगों को जागरूक करने में सहायक रहा। इसके अलावा एकेडमिक उपलब्धियों के तहत मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। खेलकूद प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी तथा भविष्य में भी इसी प्रकार के रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उप विकास आयुक्त ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों के समग्र विकास के लिए सांस्कृतिक, खेल एवं रचनात्मक गतिविधियाँ भी उतनी ही आवश्यक हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें और निरंतर सीखने की जिज्ञासा बनाए रखें। साथ ही अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की शिक्षा में सक्रिय सहभागिता निभाएं और उन्हें सकारात्मक वातावरण प्रदान करें।

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