



शहर के सतत, सुरक्षित एवं व्यवस्थित विकास की दिशा में कार्य करने पर बनी सहमति

डीजे न्यूज, धनबाद: डीसी आदित्य रंजन के कार्यालय कक्ष में धनबाद नगर निगम द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं, सुधारात्मक पहलों तथा भावी कार्ययोजनाओं के संबंध में गुरुवार को बैठक सह प्रस्तुतीकरण आयोजित किया गया।
बैठक के दौरान नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने नगर निगम द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट) के क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों पर विस्तृत जानकारी दी। इसमें वाहन ट्रैकिंग प्रणाली, रूट ऑप्टिमाइजेशन, रियल-टाइम ट्रैकिंग, मिस्ड पॉइंट अलर्ट, अपशिष्ट संग्रहण में पारदर्शिता बढ़ाने तथा संसाधनों के दुरुपयोग को नियंत्रित करने हेतु किए जा रहे डिजिटल हस्तक्षेपों की जानकारी साझा की गई।
इसके अतिरिक्त धनबाद में वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र के निर्माण की प्रगति तथा इसके शीघ्र संचालन हेतु जिला प्रशासन से अपेक्षित सहयोग, विशेष रूप से भूमि संबंधी विषयों पर भी चर्चा की गई।
बैठक में निर्माण एवं ध्वस्तीकरण अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र, फीकल स्लज मैनेजमेंट प्लांट तथा भविष्य में बड़े स्तर के बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। देश के विभिन्न नगरों में सफलतापूर्वक संचालित मॉडलों का उल्लेख करते हुए चर्चा की गई कि आवश्यक परीक्षण, अध्ययन एवं सक्षम प्राधिकरण की स्वीकृति के उपरांत उपयुक्त मॉडलों को धनबाद में भी अपनाया जा सकता है। साथ ही ई-वेस्ट प्रबंधन संयंत्र के संचालन की तैयारियों तथा इसके सफल संचालन की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा की गई।
बैठक में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-आईएसएम), धनबाद तथा धनबाद नगर निगम के बीच संभावित सहयोग के माध्यम से नगर में उत्पन्न प्लास्टिक अपशिष्ट के सतत उपयोग, जैसे कार्बन नैनो ट्यूब, हाइड्रोजन उत्पादन तथा प्लास्टिक आधारित सड़क निर्माण जैसी संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिससे आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सके।
बैठक में जल संरक्षण एवं शहरी जल प्रबंधन से संबंधित विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। जिसमें उथले जलभृत प्रबंधन, शहरी क्षेत्र में वर्षा जल संचयन के ऑडिट, जलाशयों के पुनर्जीवन तथा जल सुरक्षा को सुदृढ़ करने से जुड़े उपायों पर विचार किया गया। इस क्रम में नगर आयुक्त द्वारा झरिया राजा तालाब, लोको टैंक तालाब आदि परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया गया। साथ ही वार्ड संख्या 19 एवं 20 में स्थित पंपू तालाब के विकास की योजना पर भी चर्चा हुई। इन परियोजनाओं के माध्यम से जल सुरक्षा सुदृढ़ करने, सार्वजनिक स्थलों के सृजन, आंतरिक राजस्व सृजन तथा जलवायु अनुकूल पहल को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विचार किया गया।
साथ ही कोयला खदानों में संचित पिट वाटर के शोधन कर पेयजल स्तर तक उपयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। इस दिशा में बीसीसीएल एवं जिला प्रशासन के समन्वय से कार्य करने तथा शहर के विभिन्न स्थानों पर पिट वाटर आधारित पेयजल कियोस्क स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
शहर में यातायात प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विभिन्न तकनीकी एवं संस्थागत उपायों पर भी चर्चा हुई, जिससे शहरी गतिशीलता में सुधार एवं नागरिक सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा सके।
स्ट्रीट लाइट के रखरखाव, खराबी के त्वरित निवारण, व्यापक फेल्योर सर्वेक्षण, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान तथा महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों एवं डिलीवरी कर्मियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में भी कार्ययोजना पर विचार किया गया।
नगर में निर्मित सार्वजनिक परिसंपत्तियों जैसे पार्क, फूड कोर्ट, खेल मैदान एवं तालाबों को प्रभावी ढंग से जन उपयोग में लाने, उनके हस्तांतरण के पश्चात रखरखाव की प्रणाली विकसित करने, जन सहभागिता बढ़ाने तथा फीडबैक तंत्र विकसित करने के संबंध में भी चर्चा की गई।
सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों की सुविधाओं में सुधार तथा सुलभ इंटरनेशनल द्वारा संचालित शौचालयों के संचालन को मानकीकृत करने एवं उन्हें शिकायत निवारण प्रणाली से जोड़ने की दिशा में भी प्रस्तावित पहल पर विचार किया गया।
सफाई मित्रों के कल्याण को आगे बढ़ाने तथा धनबाद नगर निगम के कार्यों में संभव क्षेत्रों में मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के समेकन पर भी चर्चा की गई।
आगामी ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए पेयजल आपूर्ति एवं जल संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए आवश्यक तैयारी एवं समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। शहर सौंदर्यीकरण से संबंधित पहलों तथा इन कार्यों में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन से अपेक्षित सहयोग पर भी विचार-विमर्श हुआ।
इसके अतिरिक्त कांजी हाउस, स्लॉटर हाउस, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा विभिन्न जल परियोजनाओं से संबंधित भूमि विषयों पर भी चर्चा की गई।
बैठक के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार द्वारा सड़क डिवाइडरों के किनारे क्षतिग्रस्त ग्रिलों की मरम्मत से संबंधित विषय उठाया गया। वहीं उपायुक्त आदित्य रंजन ने शहरी क्षेत्र में गड्ढों (पॉटहोल) की मरम्मत हेतु कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में विभिन्न विषयों पर प्राप्त सुझावों के आधार पर संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई करने तथा समन्वित प्रयासों के माध्यम से शहर के सतत, सुरक्षित एवं व्यवस्थित विकास की दिशा में कार्य करने पर सहमति व्यक्त की गई।
बैठक में उपायुक्त आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, नगर आयुक्त आशीष गंगवार, उप विकास आयुक्त सन्नी राज सहित जिला प्रशासन एवं धनबाद नगर निगम के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।




