



सावित्रीबाई फुले की जयंती पर शिक्षा और सामाजिक न्याय का संदेश

डीजे न्यूज़ तिसरा,धनबाद :
आज 3 जनवरी 2026 को देश की पहली महिला शिक्षिका एवं समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती कामरेड यमुना सहाय स्मृति भवन के आंगन में नागरिक एकता मंच की ओर से श्रद्धापूर्वक मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण से हुई।
बीसीकेयू के केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं नागरिक एकता मंच के संस्थापक सुरेश प्रसाद गुप्ता ने माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उपस्थित लोगों ने क्रमवार पुष्प अर्पित किया और नारे लगे—
“सावित्रीबाई फुले अमर रहें”,
“इंकलाब ज़िंदाबाद”,
“हम तुम्हें नहीं भूलेंगे।”
वक्ताओं ने कहा कि 3 जनवरी 1831 को जन्मी सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं और वंचित वर्गों को शिक्षा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया। 1848 में लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोलकर उन्होंने सामाजिक बंदिशों को चुनौती दी। विरोध, ताने और अपमान के बावजूद उन्होंने अपने मिशन को नहीं छोड़ा।
उन्होंने विधवा विवाह को बढ़ावा देने, छुआछूत समाप्त करने और महिलाओं को अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्लेग पीड़ितों की सेवा करते हुए 10 मार्च 1897 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनके विचार आज भी प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम में सुरेश प्रसाद गुप्ता, बिहारी लाल चौहान, नागेश्वर पासवान, कुंदन पासवान, सुरेंद्र पासवान, राजा राम भुईयां, संजय बाउरी, मोहम्मद अली सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण मौजूद रहे।
अंत में सभी ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।




