



संसद के शून्य काल में सांसद ढुलू महतो ने उठाई सिंदरी की आवाज

बंद पड़े एफसीआई अस्पताल को एम्स स्तर का सुपर स्पेशियलिटी सेंटर बनाने की मांग
डीजे न्यूज, धनबाद: धनबाद लोकसभा क्षेत्र के समग्र विकास और आमजन के स्वास्थ्य अधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए सांसद ढुलू महतो ने संसद के बजट सत्र के दौरान शून्य काल (क्रम संख्या–14) में सिंदरी क्षेत्र की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा गंभीरता से उठाया। उन्होंने वर्षों से बंद पड़े एफसीआई अस्पताल को पुनर्जीवित कर उसे एम्स स्तर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में परिवर्तित करने की मांग सदन के समक्ष रखी।
सांसद ने सदन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बताया कि सिंदरी स्थित भारतीय उर्वरक निगम (FCI) का 205 बेड वाला विशाल अस्पताल वर्ष 2003 से बंद पड़ा है। लगभग 300 एकड़ भूमि और मजबूत भवन संरचना उपलब्ध होने के बावजूद यह अस्पताल अनुपयोगी बना हुआ है, जबकि कोयलांचल एवं औद्योगिक क्षेत्र की जनता गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों के महंगे निजी अस्पतालों पर निर्भर रहने को विवश है।
सांसद ढुलू महतो ने कहा कि औद्योगिक प्रदूषण, कोयला खनन एवं रासायनिक उद्योगों के प्रभाव के कारण इस क्षेत्र में श्वसन रोग, हृदय रोग, कैंसर एवं अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सिंदरी जैसे औद्योगिक केंद्र में उन्नत चिकित्सा सुविधाओं का अभाव अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने सुझाव दिया कि मौजूदा बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए न्यूनतम निवेश में इस अस्पताल को एम्स स्तर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे समय और सरकारी संसाधनों दोनों की बचत होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित अस्पताल को लोक-कल्याणकारी “नो प्रॉफिट, नो लॉस” मॉडल पर संचालित किया जाना चाहिए, ताकि आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों, श्रमिकों एवं आम नागरिकों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और किफायती इलाज मिल सके। साथ ही अस्पताल परिसर में पैरा-मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से क्षेत्र के युवाओं को शिक्षा एवं रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।
इस अवसर पर सांसद ढुलू महतो ने कहा सिंदरी का यह अस्पताल कभी पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा हुआ करता था। आज हमारे पास भूमि, भवन और संसाधन उपलब्ध हैं, केवल सरकार की इच्छाशक्ति की आवश्यकता है। यदि इसे सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जाता है, तो न केवल सिंदरी बल्कि पूरे कोयलांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य क्रांति आएगी। यह प्रधानमंत्री के ‘स्वस्थ भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
सांसद ने केंद्र सरकार से इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान करने एवं आवश्यक केंद्रीय अनुदान उपलब्ध कराने का आग्रह किया, ताकि वर्षों से उपेक्षित सिंदरी क्षेत्र की जनता को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जा सकें।




